MP Chunav 2023: सड़क नहीं तो वोट नहीं, ग्रामीणों ने कही चुनाव बहिष्कार की बात, मंत्री का है क्षेत्र
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MP Chunav 2023: सड़क नहीं तो वोट नहीं, ग्रामीणों ने कही चुनाव बहिष्कार की बात, मंत्री का है क्षेत्र

MP Election 2023: मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के एक गांव के लोगों ने विकास कार्य नहीं होने के कारण विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. गांव के बाहर पोस्टर और बैनर लगा कर लोगो ने ये मैसेज देने का काम किया है. 

MP Chunav 2023: सड़क नहीं तो वोट नहीं, ग्रामीणों ने कही चुनाव बहिष्कार की बात, मंत्री का है क्षेत्र

MP Chunav 2023: मतदान के समय आपको कई ऐसी खबरें सुनने को मिलेगी जो नेताओं से नाराजगी जाहिर करती है. ऐसी ही खबर मध्यप्रदेश के एक गांव से सामने आई है जिसमें गांव वालों ने मतदान न करने की धमकी दी है. उनका कहना है कि गांव में अच्छी सड़क नहीं है. नतीजा ये है कि लोग विधानसभा चुनाव में वोटिंग का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. 

यह है पूरा मामला 

दरअसल, यह पूरा मामला निवाड़ी जिले के ओरछा तहसील के बुडेरा तहसील में आने वाले मडोर पश्चिमी गांव का है, जहां करीब 1300 से 1400 परिवार निवास करते हैं, यह गांव ओरछा से भले ही 8 किलोमीटर दूर हैं, लेकिन मडोर पश्चिमी गांव विकास कार्यों से कोसों दूर हैं. लोगों की माने तो वह तकरीबन 20 वर्षों से सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम है, स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को भी इसी कीचड़ युक्त रास्ते से गुजरना पड़ता है. वही मंदिर जाने वाली महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं को भी इसी कीचड़ युक्त रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है. नेता आते हैं आश्वासन देकर चले जाते हैं, अधिकारियों ने तो अब तक सुध ही नहीं ली. 

सड़क नहीं तो वोट नहीं 
 
लिहाजा ग्रामीणों का कहना है की गांव में विकास कार्य नहीं होते है, रोड और नाली तक नहीं बन पा रही है, तो हम अपने मताधिकार का उपयोग क्यों करें. ग्रामीणों ने चुनाव में मतदान का बहिष्कार मतदान के दो दिन पहले किए जाने की चेतावनी दी हैं. चेतावनी देने के साथ ही ग्रामीणों ने हाथों में बैनर पोस्टर लेकर रोड और नाली नहीं तो वोट नहीं के नारे भी लगाए है. ग्रामीणों ने कहा है कि बरसात के समय में तो कच्ची सड़क पर चलना भी दूभर हो जाता है और जब गांव में महिलाओं को प्रसव पीड़ा होती है तो गांव में एंबुलेंस भी नहीं आती मजबूरन महिलाओं को खटिया पर लिटाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव मतदान बहिष्कार का निर्णय लिया हैं, वही ग्रामीणों का कहना है की जब तक हमारी समस्या का लिखित में आश्वासन नहीं मिलता है, जब तक हम अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे. 

केंद्रीय मंत्री का क्षेत्र 

खास बात यह है कि यहां गांव केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक के संसदीय क्षेत्र में आता है. ग्रामीणों का कहना है कि बावजूद भी आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ. इसके बाद उनकी समस्या आज भी जस के तस बनी हुई है, जिसके बाद लोगों ने 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव के होने वाले मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. गौरतलब है कि 1400 लोगों की आबादी का यह गांव निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसका प्रतिनिधित्व पिछली दो पंचवर्षीय से वर्तमान में भाजपा विधायक अनिल जैन कर रहे हैं. 

इसके पहले वर्तमान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मीरा दीपक यादव यहां से विधायक रह चुकी हैं और वर्तमान में भी चुनाव लड़ रही हैं तो वही कांग्रेस से वर्तमान निवाड़ी जिला पंचायत के अध्यक्ष बेटे एवं जिला पंचायत के सदस्य अमित राय चुनावी मैदान में है. लोगों की माने तो चुनाव के वक्त तो नेता बड़े-बड़े वादे करके चले जाते हैं लेकिन उसके बाद फिर मुड़ के भी नहीं देखते हैं, ऐसे में इस बार वह तब तक वोट नहीं करेंगे जब तक उनकी इन समस्याओं का समाधान नहीं होता हैं. 

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