चुनाव से पहले 'टीम ममता' के गिरने लगे विकेट... कुणाल घोष बने बागी; महासचिव पद से दिया इस्तीफा
Advertisement

चुनाव से पहले 'टीम ममता' के गिरने लगे विकेट... कुणाल घोष बने बागी; महासचिव पद से दिया इस्तीफा

Bengal News: कुणाल घोष ममता की पार्टी के चर्चित प्रवक्ता रहे हैं. वे पेशे से पत्रकार भी रहे हैं और एक निजी समाचार पत्रिका के से जुड़े रहे. अब उन्होंने टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी है.

चुनाव से पहले 'टीम ममता' के गिरने लगे विकेट... कुणाल घोष बने बागी; महासचिव पद से दिया इस्तीफा

Kunal Ghosh TMC: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी इस समय जबरदस्त चर्चा में है. पहले तो संदेशखाली को लेकर शाहजहां शेख पर कार्रवाई करनी पड़ी और अब उनकी पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने मोर्चा खोल दिया है. कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे पार्टी के इन दोनों पदों पर नहीं रहना चाहते हैं. उनका कहना है कि इस सिस्टम वे फिट नहीं बैठते. माना जा रहा है कि उन्होंने दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है. इतना ही नहीं साथ ही उन्होंने अपनी बात रखते हुए कई आरोप भी लगाए हैं.

असल में कुणाल घोष ने अपने ट्विटर हैंडल के बायो से टीएमसी के नाम को हटा दिया है और उसके स्थान पर केवल सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार बताया गया है. इसके साथ एक ट्वीट करते हुए पद से हटने के बारे में बताया है. कुणाल घोष ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के बेहद खास माने जाते हैं.

मैं सिस्टम में मिसफिट हूं...
उन्होंने लिखा कि मैं टीएमसी का प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता नहीं रहना चाहता. मैं सिस्टम में मिसफिट हूं. मैं पार्टी कार्यकर्ता बनकर रहना पसंद करूंगा. कृपया दलबदल की अफवाहों पर ध्यान दें. हालांकि उन्होंने खुद को पार्टी का सिपाही बताया है और ममता बनर्जी के साथ-साथ अभिषेक बनर्जी को भी टैग किया है.

पहले भी कर चुके हैं कटाक्ष..
इससे पहले गुरुवार को एक पोस्ट में कुणाल घोष ने बिना किसी का नाम लिए कटाक्ष किया था. उन्होंने लिखा था कि कुछ नेता अक्षम, स्वार्थी और गुटबाजी करने वाले हैं. वे पूरे साल कामचोरी करते हैं और चुनाव करीब आने पर दीदी, अभिषेक और टीएमसी के नाम पर जीत हासिल करते हैं. ऐसा बार-बार नहीं होगा. जीत पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह पर निर्भर करती है, व्यक्तिगत लाभ-हानि पर नहीं.

Trending news