Jharkhand News: ऐतिहासिक रानी बांध तालाब पर छाया संकट, बांध को बचाने के लिए ग्रामीण हुए एकजुट
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Jharkhand News: ऐतिहासिक रानी बांध तालाब पर छाया संकट, बांध को बचाने के लिए ग्रामीण हुए एकजुट

Jharkhand News: सरायकेला-कांड्रा मुख्य मार्ग पर निश्चिंतपुर गांव के समीप स्थित ऐतिहासिक रानी बांध पर इन दिनों संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं. इस बहु उपयोगी तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए अब आसपास के ग्रामीण एकजुट हो गए हैं.

Jharkhand News: ऐतिहासिक रानी बांध तालाब पर छाया संकट, बांध को बचाने के लिए ग्रामीण हुए एकजुट

सरायकेला:Jharkhand News: सरायकेला-कांड्रा मुख्य मार्ग पर निश्चिंतपुर गांव के समीप स्थित ऐतिहासिक रानी बांध पर इन दिनों संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं. इस बहु उपयोगी तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए अब आसपास के ग्रामीण एकजुट हो गए हैं. रविवार को पूर्व मुखिया घनश्याम हांसदा एवं झामुमो नेता राजेश भगत के नेतृत्व में निश्चिंतपुर स्थित सामुदायिक विकास भवन में एक आम सभा आयोजित की गई. जिसमें निश्चिंतपुर,गोपीडीह, नंदीडीह आदि गांव के सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे और एक स्वर से रानी बांध को बचाने के लिए संकल्प व्यक्त किया.

स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब के बगल में किसी कंपनी का निर्माण हो रहा है और कंपनी द्वारा उक्त स्थल पर भारी मात्रा में फ्लाई ऐश गिराया जा रहा है. बरसात के दिनों में यह फ्लाई ऐश बारिश के पानी के साथ घुलकर तालाब में जा रहा है. इसकी वजह से तालाब की मछलियां मर गई हैं. लोगों का कहना है कि उक्त तालाब एक बड़ी आबादी के लिए न सिर्फ रोजमर्रा के लिए जल उपलब्ध कराता है बल्कि आसपास स्थित कृषि योग्य भूमि भी सिंचाई के लिए उक्त तालाब पर ही निर्भर है. फ्लाई ऐश मिला काला प्रदूषित पानी तालाब में जाने से तालाब का जल पूरी तरह प्रदूषित हो गया है और इंसान तो इंसान मवेशी भी तालाब का जल पीने से कतराने लगे हैं.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार कंपनी के लोगों से शिकायत की गई लेकिन उन लोगों ने अनसुना कर दिया और अभी भी प्रतिदिन दर्जनों गाड़ियों में भरकर फ्लाईऐश गिराया जा रहा है. आम सभा में लोग कंपनी प्रबंधन के खिलाफ काफी उग्र नजर आ रहे थे. अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तालाब को बचाने के लिए एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को जिले के उपायुक्त से मुलाकात करेगा और उनसे इस मामले में अविलंब संज्ञान लेने का अनुरोध करेगा. इसके बावजूद अगर कंपनी प्रबंधन ने मनमानी जारी रखी तो कंपनी प्रबंधन को एक बड़े जन आंदोलन का सामना करना पड़ेगा.

इनपुट- रणधीर कुमार सिंह

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