आखिरकार KK पाठक की बिहार से विदाई तय, अब डिमोशन होगा या प्रमोशन?
Advertisement

आखिरकार KK पाठक की बिहार से विदाई तय, अब डिमोशन होगा या प्रमोशन?

KK Pathak: बिहार शिक्षा विभाग में केके पाठक के फैसलों के कारण उनका नाम काफी विवादों में रहा है. उनके एक एक फैसलों ने हड़कंप मचा दिया था. कई बड़े अधिकारी उनकी शिकायत नीतीश कुमार से करते नजर आए. फिलहाल अब वे एक बार फिर चर्चा में हैं.

आखिरकार KK पाठक की बिहार से विदाई तय, अब डिमोशन होगा या प्रमोशन?

Bihar Government: बिहार के सबसे चर्चित अधिकारियों में से एक रहे केके पाठक एक बार फिर से चर्चा में हैं. आखिरकार उनकी बिहार से विदाई तय हो गई है. हुआ यह कि केके पाठक ने केंद्रीय सेवा में प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे बिहार सरकार ने स्वीकार कर लिया है. इसका मतलब यह हुआ कि वे अब केंद्र सरकार के साथ काम करेंगे. पिछले काफी समय से केके पाठक काफी सुर्खियों में रहे हैं. शिक्षा विभाग में लगातार कई बदलाव कर रहे थे. हालांकि इसके बावजूद भी वो मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के चहेते बने रहे जबकि उन्होंने कई बार नीतीश के ही निर्देशों को नजरअंदाज किया. लेकिन बिहार की शिक्षा व्यवस्था में वो कुछ बदलाव करने में जरूर कामयाब हुए हैं.

असल में केके पाठक बिहार के सबसे चर्चित आईएएस अधिकारियों में से एक रहे हैं. उन्होंने शिक्षा विभाग में रहते हुए कई महत्वपूर्ण काम किए. उनके कार्यकाल में बिहार में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं.

डिमोशन होगा या प्रमोशन?
अब कयासों का दौर शुरू हो गया है कि दिल्ली में केके पाठक को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है. उनके अनुभव और योग्यता को देखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि वे शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे. हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि पाठक दिल्ली में किस पद पर काम करेंगे. लेकिन यह माना जा रहा है कि उन्हें केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण पद दिया जाएगा.

बिहार का शिक्षा विभाग भी चर्चा में रहा..
उधर केके पाठक की विदाई पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है. कुछ लोगों का कहना है कि उनके दिल्ली जाने से बिहार के शिक्षा विभाग में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है. यह देखना होगा कि सरकार इस खालीपन को कैसे भरती है. लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं भी दी हैं. कुछ लोगों का कहना है कि यह बिहार के लिए एक बड़ा नुकसान है, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि पाठक को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण पद मिलने से बिहार को भी फायदा होगा.

क्या है केंद्रीय प्रतिनियुक्ति जिसके जरिए उनकी बिहार से हुई विदाई?
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का मतलब है कि किसी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारी या कर्मचारी को एक निश्चित अवधि के लिए केंद्र सरकार के किसी पद पर नियुक्त करना. यह नियुक्ति केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय, विभाग या संगठन में हो सकती है.

Trending news