DNA: किंगमेकर बिलावल ने पापा को King बनवा दिया! बिलावल-शाहबाज की डील की इनसाइड स्टोरी
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DNA: किंगमेकर बिलावल ने पापा को King बनवा दिया! बिलावल-शाहबाज की डील की इनसाइड स्टोरी

Pakistan election: जरदारी खुश बहुत होंगे और सोच रहे होंगे कि बिलावल जैसा बेटा खुदा सबको दे. क्योंकि मां के दूध का कर्ज चुकाना तो नामुमकिन है, लेकिन बिलावल ने अपने पिता का कर्ज चुका दिया और राष्ट्रपति पद के लिए उनका नाम फाइनल करवा दिया.

DNA: किंगमेकर बिलावल ने पापा को King बनवा दिया! बिलावल-शाहबाज की डील की इनसाइड स्टोरी

Pakistan election: जरदारी खुश बहुत होंगे और सोच रहे होंगे कि बिलावल जैसा बेटा खुदा सबको दे. क्योंकि मां के दूध का कर्ज चुकाना तो नामुमकिन है, लेकिन बिलावल ने अपने पिता का कर्ज चुका दिया और राष्ट्रपति पद के लिए उनका नाम फाइनल करवा दिया. ये सबको पता था कि बिलावल भुट्टो kingmaker बनेंगे, लेकिन वो अपने पिता को KING बना देंगे ये शायद उनके पिता आसिफ अली जरदारी ने भी नहीं सोचा होगा. 

बिलावल ने नवाज से मिला लिया हाथ

पाकिस्तान में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि बिलावल भुट्टो ने प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश छोड़ दी और अपने पिता को राष्ट्रपति पद देने की शर्त पर PMLN से हाथ मिला लिया. अब इसके बाद पाकिस्तान में नई सरकार की तस्वीर साफ हो गई है. सबसे पहले आपको बताते हैं कि नवाज और बिलावल ने मिली जुली सरकार बनाने के लिए कौन सा फॉर्मूला अपनाया है और किस-किस पार्टी को साथ लेकर सरकार बनाई है.

पाकिस्तान में किसे मिली कितनी सीट

पाकिस्तान में हुए चुनाव में PML-N के 75 उम्मीदवार जीते हैं. बिलावल भुट्टो की पार्टी PPP के 54 उम्मीदवार जीते है. यानि PMLN के 75, PPP के 54, इसके अलावा MQM के 17 और JUI के 4 उम्मीदवार मिलकर आंकड़ा डेढ़ सौ पहुंच रहा है. जबकि बहुमत के लिए चाहिए 134 का आंकड़ा.

पाकिस्तान की जनता कन्फ्यूज थी

पिछले 12 दिन से पाकिस्तान की जनता कन्फ्यूज थी कि सरकार किसकी बनेगी और कब बनेगी. सरकार बनाने के लिए सबसे पहले नवाज शरीफ एक्टिव हुए थे. जिसमें उन्होंने बिलावल को साथ आने का ऑफर दिया था. इसके बाद Pakistan Muslim League Nawaz और Pakistan People's Party के बीच कई दौर की मीटिंग हुई, कई प्रस्ताव रखे, लेकिन बात फाइनल नहीं हुई.

- पहला प्रस्ताव PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने रखा था...इसमें बिलावल ने अपने लिए प्रधानमंत्री पद मांगा.....जिसे PML-N ने मानने से इंकार कर दिया था.

- इसके बाद दूसरा Offer नवाज शरीफ की तरफ से आया...नवाज शरीफ ने कहा गया कि पहले 3 साल के लिए शहबाज PM बनेंगे...बाद के 2 साल के लिए बिलावल PM बने...इसपर बिलावल भुट्टों ने NO कह दिया

- इसके बाद तीसरा प्रस्ताव आया...बिलावल ने नवाज के सामने बात रखी की पीएम, PML-N का बने...और राष्ट्रपति उनके पिता आसिफ अली जरदारी को बनाया जाए...इस प्रस्ताव पर दोनों पार्टियां सहमत हो गई.

पाकिस्तान में शहबाज सरकार बनने जा रही

पाकिस्तान में शहबाज सरकार बनने जा रही है. लेकिन PMLN और PPP की सरकार में किसके पास कौन सा मंत्रालय होगा? किसी भी मुल्क में जब भी कोई नई सरकार बनती है तो उसके सामने कई चुनौतियां होती हैं. इन चुनौतियों के बीच आम जनता को भी अपनी नई सरकार से कई उम्मीदें होती हैं. लेकिन पाकिस्तान एक ऐसा मुल्क है जहां जनता को भी अपनी सरकारों पर भरोसा नहीं होता. पाकिस्तान में शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो ने सरकार बनाने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन मुल्क की जनता को इस खिचड़ी सरकार पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है. पिछले 75 वर्षों में पाकिस्तान में कई बार तख्तापलट हुआ, कई सरकारें आई, लेकिन कोई भी सरकार 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई. इस बार भी कुछ ऐसा ही हो सकता है.

पाकिस्ताम के लोगों की किस्मत नहीं बदलती

इसलिए पाकिस्तान की जनता को भी शहबाज-बिलावल की नई सरकार पर भरोसा नहीं है. पाकिस्तान एक ऐसा मुल्क है जहां सरकार तो बदलती है. लेकिन इस मुल्क के लोगों की किस्मत नहीं बदलती. जनता अपने वोटों से जो सरकार बनाती है. वो दावे तो करती है, लेकिन दावों पर अमल नहीं करती. अगर अमल करती तो इस देश की हालत इतनी खस्ता नहीं होती. पाकिस्तान पर इस समय 128 बिलियन डॉलर का कुल विदेशी कर्ज है. इस्लामाबाद के थिंक टैंक तबाड़लैब की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024 तक, पाकिस्तान को लगभग 49.5 बिलियन अमेरीकी डॉलर का कर्ज चुकाना होगा, जिसमें से 30% ब्याज होगा.

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था IMF के कर्ज के सहारे ही चल रही

नई सरकार के सामने महंगाई से पार पाने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का मुश्किल टास्क है. मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है. मूडीज ने पाकिस्तान के कर्ज लेने की credit rating भी गिरा दी है. उसकी रेटिंग CAA1 से कम करके CAA3 कर दी गई है, जो default से सिर्फ 2 प्वाइंट ऊपर है. मूडीज का ये दावा पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था IMF के कर्ज के सहारे ही चल रही है. 2023 में ही पाकिस्तान को IMF से कर्जा मिला था, लेकिन 2024 की शुरुआत होते ही उसे फिर से कर्ज की जरूरत पड़ गई है.

पुराने और घिसे पिटे चेहरे

शहबाज़ और बिलावल को सत्ता, कुर्सी, पद दिख रहा है. लेकिन महंगाई, कर्ज, बिजली संकट, पेट्रोल-डीजल ऐसी तमाम चुनौतियां शहबाज और बिलावल का इंतजार कर रही है. जिनसे निपटना ही नई सरकार का सबसे बड़ा चैलेंज है. पाकिस्तान की किस्मत में फिर वही पुराने और घिसे पिटे चेहरे आए हैं जो इमरान के जाने के बाद देश को चला रहे थे...सच्चाई ये भी है कि शहबाज की पुरानी सरकार के समय पाकिस्तान की हालत और खराब हुई थी. इसलिए इस मुल्क की जनता को भी नई सरकार से कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है.

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