पार्टनर का फोन चेक करना रिश्ते के लिए कितना सही? रिलेशनशिप कोच का जवाब सुन पड़ जाएंगे सोच में
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पार्टनर का फोन चेक करना रिश्ते के लिए कितना सही? रिलेशनशिप कोच का जवाब सुन पड़ जाएंगे सोच में

Is it okay to check partner's phone: इसमें कोई दोराय नहीं कि आज के समय में ज्यादातर कपल्स के बीच लड़ाई की बड़ी वजह मोबाईल है. क्योंकि इसमें स्टोर इंफोर्मेशन को पार्टनर से शेयर नहीं करने भर से व्यक्ति शक के घेरे में आ जाता है. लेकिन क्या लॉयलटी चेक करने के नाम पर पार्टनर फोन चेक करना सही है? चलिए इस लेख में रिलेशनशिप कोच से जानते हैं.

पार्टनर का फोन चेक करना रिश्ते के लिए कितना सही? रिलेशनशिप कोच का जवाब सुन पड़ जाएंगे सोच में

इस डिजिटल युग में जहां लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप का सक्सेस रेट बढ़ा है, वहीं रिश्तों में शक और धोखाधड़ी की संभावनाएं भी बढ़ गयी है. आज के समय में कपल्स एक-दूसरे से जुड़ते ही एक-दूसरे के सोशल मीडिया और फोन का एक्सेस मांग लेते हैं, ताकि रिश्ते में उसे धोखा ना मिले. इतना ही नहीं कई कपल्स चोरी छिपकर भी अपने पार्टनर के फोन में ताकाझांकी करते हैं. खुद को हर्ट होने से बचाना गलत नहीं, लेकिन यह सोचना भी जरूरी है कि क्या रिश्ते में आने के बाद व्यक्ति का कोई पर्सनल स्पेस या प्राइवेसी नहीं रह जाती है?

इस पर प्रिडिक्शन्स फॉर सक्सेस के संस्थापक और रिलेशनशिप कोच विशाल भारद्वाज का कहना है कि विश्वास किसी भी सफल रिश्ते का आधार होता है। हालांकि, विश्वास और अंधविश्वास का पर्याय नहीं है; इसके लिए खुले तौर पर बातें, पारदर्शिता और आपसी सम्मान की आवश्यकता होती है. साथ ही शक होने पर पार्टनर से सीधे तौर पर बात करना ठीक है, इसके लिए बिना उसकी अनुमति उसका फोन चेक करना आपके रिश्ते को खतरे की सीमा में ला सकता है. ये समझना जरूरी है कि हर किसी को प्राइवेसी का अधिकार है, भले ही आप पति-पत्नी क्यों ना हो. सीमाओं का सम्मान करने से रिश्ते में सम्मान और प्रेम बना रहता है.

ऐसे समझें पार्टनर का फोन चेक करना रिश्ते को कैसे प्रभावित करता है-

यदि आप अपने पार्टनर का फोन चेक करते हैं तो आप बिना पूरी स्टोरी जानें उन्हें एक चीज के आधार पर सवालों के घेरे में खड़ा कर सकते हैं. ऐसे में जरूरी हो जाता है कि बहुत ही संयम से काम लिया जाए. किसी भी नतीजे पर पहुचने से पहले पार्टनर का पक्ष जरूर जान लें.

हर रिश्ते की कुछ सीमाएं होती है. सबको प्राइवेसी का अधिकार होता है. ऐसे में जब आप अपने पार्टनर का फोन चेक करते हैं वो भी बिना उन्हें बताए तो विश्वास की डोर कमजोर हो जाती है. 

अपने साथी के फोन को चेक करना एक ऐसा मुद्दा है जिसमें सबकी सोच अलग-अलग हो सकती है. लेकिन किसी की गोपनीयता पर हमला करने के लिए बजाये खुली बातें और आपके सम्मान से चिंता को दूर करना ज्यादा बेहतर है.
 
आपके मन में साथी के फोन को चेक करने के लिए लालच से सिर्फ भरोसा और प्यार कम होगा. ऐसा करने से आपका रिश्ता और कमजोर हो जाएगा. जासूस बनने से ज्यादा अपने साथी भरोसा करना सीखें. 

रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए और अपने साथी को बेहतर रूप से समझने के लिए आप एक रिलेशनशिप काउंसलर की मदद ले सकते हैं. वह आपकी चिंता को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और आपका सही मार्गदर्शन होगा.

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