टेरिटोरियल आर्मी में सचिन पायलट बने कैप्टन: आप भी इस तरह बन सकते हैं इसका हिस्सा, जानें चयन प्रक्रिया
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टेरिटोरियल आर्मी में सचिन पायलट बने कैप्टन: आप भी इस तरह बन सकते हैं इसका हिस्सा, जानें चयन प्रक्रिया

भारतीय संविधान सभा द्वारा सितंबर, 1948 में पारित प्रादेशिक सेना अधिनियम –1948 के अनुसार भारत में अक्टूबर, 1949 में टेरिटोरियल (Territorial Army) आर्मी स्थापित हुई. इसका उद्देश्य संकटकाल में आंतरिक सुरक्षा का दायित्व लेना और आवश्यकता पड़ने पर नियमित सेना को सपोर्ट देना और इस तरह से पार्ट टाइम ही सही नवयुवकों को देशसेवा का अवसर प्रदान करना है...

टेरिटोरियल आर्मी में सचिन पायलट बने कैप्टन: आप भी इस तरह बन सकते हैं इसका हिस्सा, जानें चयन प्रक्रिया

नई दिल्ली. भारतीय सेना (Indian Army) की तरफ से हर वर्ष हजारों पदों पर भर्तियां की जाती हैं. ये भर्तियां कॉन्स्टेबल ((Indian Army constable) लेवल से लेकर अधिकारी लेवल तक की जाती हैं. वहीं, भारतीय सेना में एक इकाई ऐसी भी है जहां पर आम लोग नौकरी करते हुए अधिकारी लेवल से लेकर अन्य पदों के लिए ज्वॉइन कर सकते हैं. इस इकाई को टेरिटोरियल (Territorial Army) आर्मी के नाम से जाना जाता है. इस इकाई का हिस्सा पूर्व भारतीय क्रिकेटर व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी रह चुके हैं. इसके अलावा राजस्थान के पूर्व डेप्यूटी सीएम सचिन पायलट भी हैं. पायलट ने लेफ्टिनेंट के तौर पर इस इकाई को ज्वॉइन किया था. लेकिन हाल ही में उन्हें प्रमोट करके कैप्टन बना दिया गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि भारतीय सेना में टेरिटोरियल आर्मी की इकाई क्या है? इसके लिए लोगों का चयन कैसे किया जाता है? चयन होने पर उन्हें कब और कहां तैनात किया जाता है. साथ ही उन्हें  क्या-क्या सुविधाएं दी जाती हैं...

क्या है टेरिटोरियल आर्मी
टेरिटोरियल आर्मी (Territorial Army/TA) भारतीय सेना की ही एक ईकाई है. सामान्य श्रमिक से लेकर सिविल सर्वेंट तक भारत के सभी अट्ठारह से 42 वर्ष तक के नागरिक, जो शरीर से समर्थ हों, इसमें भर्ती हो सकते हैं. यह हमारी रक्षापंक्ति की सेकंड लाइन है. युद्ध के समय फ्रंट लाइन में तैनाती के लिए भी इसका उपयोग होता है. टेरिटोरियल आर्मी के स्वयं-सेवकों को प्रति वर्ष कुछ दिनों का सैनिक प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि ज़रूरत पड़ने पर देश की रक्षा के लिए उनकी सेवाएं ली जा सकें.

भारतीय संविधान सभा द्वारा सितंबर, 1948 में पारित प्रादेशिक सेना अधिनियम –1948 के अनुसार भारत में अक्टूबर, 1949 में टेरिटोरियल आर्मी स्थापित हुई. इसका उद्देश्य संकटकाल में आंतरिक सुरक्षा का दायित्व लेना और आवश्यकता पड़ने पर नियमित सेना को सपोर्ट देना और इस तरह से पार्ट टाइम ही सही नवयुवकों को देशसेवा का अवसर प्रदान करना है.

टेरिटोरियल आर्मी के लिए कौन कर सकता है ज्वॉइन
टेरिटोरियल आर्मी में आप देश के आम नागरिक रहते हुए सैन्य अनुभव ले सकते हैं. यह एक वॉलंटियर सर्विस होती है. आपको ट्रेनिंग देने के बाद जरूरत पड़ने पर सेना आपकी सेवा ले सकती हैं. इसमें किसी भी आरक्षित श्रेणी के लोगों को आयु में छूट नहीं दी जाती है. टेरिटोरियल आर्मी में जॉइन करने के लिए आपको किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री चाहिए होगी. ग्रेजुएशन किसी भी फील्ड में हो सकती है.

सुविधाएं
टेरिटोरियल आर्मी में सेवाएं दे रहे लोगों को भी निर्धारित पद के हिसाब से सैलरी व वेतन भत्ते दिए जाते हैं. इस इकाई में भर्ती के लिए भारतीय सेना द्वारा हर वर्ष ऑफिशियल वेबसाइट jointerritorialarmy.gov.in पर नोटिफिकेशन भी जारी किया जाता है. आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का चयन एग्जाम, फिजिकल, मेडिकल टेस्ट के बाद किया जाता है.

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