सीएम धामी का दावा, मार्च में अगर शपथ ग्रहण करता हूं, तो साथ ही लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड
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सीएम धामी का दावा, मार्च में अगर शपथ ग्रहण करता हूं, तो साथ ही लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड

सीएम धामी ने इस दौरान कहा कि इस यूनिफॉर्म सिविल कोड का दायरा शादी, डायवोर्स, जमीन जायदाद और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिए समान कानून हो, चाहे वे किसी भी धर्म में विश्वास रखते हों...

सीएम धामी का दावा, मार्च में अगर शपथ ग्रहण करता हूं, तो साथ ही लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड

कुलदीप नेगी/देहरादून: सोमवार, 14 फरवरी को उत्तराखंड में चुनाव है. इसी के मद्देनजर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा ऐलान किया है. सीएम धामी ने कहा है कि सत्ता में बीजेपी सरकार आती है तो यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा और इसके लिए एक कमेटी गठित की जाएगी. ठीक चुनाव से पहले भाजपा के इस ऐलान के बड़े मायने हैं. 

भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि इसकी लंबे समय से मांग हो रही थी. वहीं, कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति की है. तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कांग्रेस ने 70 सालों में कभी भी यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात नहीं की. बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष खजानदास ने भी सीएम पुष्कर धामी के इस एलान का स्वागत किया है. पीएम मोदी की उत्तराखंड में रैली से पहले सीएम धामी के इस ऐलान के बड़े सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं.

यूनिफॉर्म सिविल कोड का दायरा
सीएम धामी ने इस दौरान कहा कि इस यूनिफॉर्म सिविल कोड का दायरा शादी, डायवोर्स, जमीन जायदाद और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिए समान कानून हो, चाहे वे किसी भी धर्म में विश्वास रखते हों.

क्या होता है यूनिफॉर्म सिविल कोड
जानकारी के लिए बता दें कि यूनिफॉर्म सिविल कोड या समान नागरिक संहिता का मतलब है कि राज्य के सभी लोगों के लिए एक समान नियम हो. चाहे वह विवाह हो, तलाक हो, बच्चा गोद लेना हो या संपत्ति का बंटवारा. इसमें जाति-धर्म-परंपरा की बंदिशें नहीं होतीं. इस वक़्त हमारे देश में धर्म और परंपरा के नाम पर अलग नियमों को मानने की छूट है.

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