Siddharthnagar: सुनो सरकार! इस दिव्यांग दंपत्ति को मिलेगी मदद, 8 सालों से दर-दर भटकने को मजबूर?
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Siddharthnagar: सुनो सरकार! इस दिव्यांग दंपत्ति को मिलेगी मदद, 8 सालों से दर-दर भटकने को मजबूर?

Siddharthnagar News: यूपी के सिद्धार्थनगर में 8 सालों से दिव्यांग दंपत्ति दर-दर भटकने को मजबूर हैं. बीते 8 सालों से दिव्यांग दंपत्ति बिजली कनेक्शन और शौचालय के लिए दर-दर भटक रहे हैं. 

Siddharthnagar: सुनो सरकार! इस दिव्यांग दंपत्ति को मिलेगी मदद, 8 सालों से दर-दर भटकने को मजबूर?

सलमान आमिर/सिद्धार्थनगर: प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी के घर-घर बिजली और हर घर शौचालय के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं चलाई जा रही. दावा है कि शत प्रतिशत लोगों को जिले में ये सुविधा मिल चुकी है, लेकिन सिद्धार्थनगर का ये मामला जमीनी हकीकत बताने के लिए काफी है. यूपी के सिद्धार्थनगर में 8 सालों से दिव्यांग दंपत्ति दर-दर भटकने को मजबूर हैं. दरअसल, बीते 8 सालों से दिव्यांग दंपत्ति बिजली कनेक्शन और शौचालय के लिए दर-दर भटक रहे हैं. हालांकि, जिलाधिकारी और सीडीओ ने इस मामले का संज्ञान लेकर उन्हें मूलभूत सुविधा जल्द से जल्द दिलाने की बात कही है.

जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे दिव्यांग
आपको बता दें कि सिद्धार्थनगर जिले के इटवा तहसील के भोपलापुर निवासी मेहरून्निसा और इसरार अहमद दिव्यांग दंपत्ति हैं. दिव्यांग होने के बावजूद उन्हें पिछले 8 वर्षों से किसी तरह की मूलभूत सुविधाएं नहीं मिली. जिसके लिए वह तहसील से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं. दिव्यांग असरार और मेहरून्निसा काफी गरीब है. उनके पास अब तक शौचालय नहीं है, ना ही उनके घर में अभी तक बिजली मयस्सर हो सकी है. किसी तरह से अपना और परिवार का भरण पोषण करने वाले असरार कहते हैं कि दोनों ही मूलभूत सुविधाओं के लिए वह पिछले 8 वर्षों से अधिकारियों की मिन्नत कर रहे हैं. लगातार कार्यालयों के चक्कर लगा-लगाकर वह थक गए हैं.

दिव्यांग ने लगाई गुहार 
दिव्यांग इसरार अहमद ने बताया कि ग्राम प्रधान तहसीलदार और उप जिलाधिकारी से गुहार लगा चुके हैं. वह पत्नी को साथ लेकर जिलाधिकारी से अपनी बात कहने आए हैं. इसरार अहमद ने कहा कि घर के बिजली क्नेक्शन देने के लिए उन्होंने विभागीय जेई और अन्य कर्मचारियों से बात की. तब उन्होंने 10 हजार रुपये सुविधा शुल्क के तौर पर मांगे. आपको बता दें कि बेहद गरीब होने के कारण वह रकम नहीं दे सके, जिसकी वजह से वह आज भी वह अंधेरे में रहने को मजबूर हैं.

सिद्धार्थनगर जिला है ओडीएफ घोषित
आपको बता दें कि पूरी तरह से ओडीएफ घोषित हो चुके जिले सिद्धार्थनगर में इस परिवार के पास शौचालय भी नहीं है. मजबूरन उन्हें खेतों में खुले में शौच को जाना पड़ता है. दिव्यांग दंपत्ति उच्च अधिकारियों से आस लगाए बैठे हैं कि कोई तो होगा जो उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपल्बध कराएगा.

मामले में सीडीओ सिद्धार्थनगर ने दी जानकारी 
इस मामले में सीडीओ सिद्धार्थनगर जयेंद्र कुमार ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में अभी मामला आया है. इस परिवार को अभी तक सुविधाएं क्यों नहीं मिल सकी है. इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही जल्द से जल्द इस परिवार की सभी समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा.

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