parliament Security: सोशल मीडिया पर रचा '13 दिसंबर' का प्लान, हजारों किमी दूर बैठे हाईटेक हमलावरों ने कैसे बनाया नेटवर्क
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parliament Security: सोशल मीडिया पर रचा '13 दिसंबर' का प्लान, हजारों किमी दूर बैठे हाईटेक हमलावरों ने कैसे बनाया नेटवर्क

Parliament attack: संसद के अंदर पहुंचे दो युवकों ने स्मोक अटैक कर अफरा-तफरी मचा दी. सवाल उठ रहा है कि आखिर ये युवक स्मोक स्टिक को लेकर अंदर कैसे पहुंचे.देश के संसद भवन में इस तरह की सुरक्षा में चूक कैसे हुई. खासतौर से इसे इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि....

 

Parliament attack

Parliamen New Delhi: संसद भवन के लोकसभा सदन के अंदर इस प्रकार का दुस्साहस करने वाले युवकों के नाम सागर और मनोरंजन हैं. सदन के बाहर से हिरासत में लिए गए आरोपियों के नाम नीलम और अमोल शिंदे हैं. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये चारों आरोपी एक- दूसरे को जानते हैं. नीली जैकेट पहने एक शख्स को लोकसभा के अंदर बेंच पर कूदते हुए देखे जाने पर हंगामा मच गया. वहां मौजूद सांसदों और सिक्योरिटी ने उस शख्स को पकड़ लिया और अब पुलिस के हवाले कर दिया. जैसे ही सांसद लोकसभा से बाहर आए, उन्होंने बताया कि ये लोग पीले रंग के धुएं वाली किसी तरह की गैस का छिड़काव कर रहे थे. इन सभी लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए मुलाकात कर आगे का प्लान बनाया. जानें क्यों खास है 13 दिसंबर का दिन....

बुधवार 13 दिसंबर 2023 को संसद भवन में बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया. दो लोग विजिटर गैलरी से कूदकर सदन में आ गए और उन्होंने कनेस्टर के जरिए धुआं फैला दिया. इन दोनों को पकड़ लिया गया है. जबकि महिला समेत दो लोगों को संसद के बाहर से हिरासत में लिया गया है. इन लोगों से पूछताछ की जा रही है. इनका विजिटर पास मैसूर से बीजेपी सांसद प्रताप सिन्हा के नाम से बना था. उनसे भी पूछताछ की जा रही है.

सोशल मीडिया पर हुई मुलाकात
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये सभी आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे. इस सभी का मकसद एक ही था. सोशल मीडिया के जरिए ये लोग एक-दूसरे से मिले थे. इसके बाद ये इन लोगों ने ये प्लान बनाया था. दिल्ली पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि "संसद की सुरक्षा में चूक मामले में शुरुआती जांच से जानकारी मिली है कि संसद के बाहर पकड़े गए दो लोग नीलम और अमोल मोबाइल फोन नहीं ले जा रहे थे. उनके पास कोई बैग या आईडी नहीं थी. उनका दावा है कि वे खुद संसद पहुंचे और उन्होंने किसी भी संगठन से जुड़ने से इनकार किया है". पुलिस इन चारों से पूछताछ के लिए एक विशेष टीम बना रही है.

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आरोपी लड़की के भाई का बयान
आरोपी नीलम के भाई ने इस मामले पर हैरानी जताई है. उन्होंने कहा, नीलम मेरी बड़ी बहन है, हमें नही पता कि वह दिल्ली गई है. हमें पता था वो हिसार में पढ़ाई कर रही है. मंगलवार को वह घर आई थी. उसने बीए, एमए, बीए़ड और कैट क्वॉलिफाई किया हुआ है. आरोपी के भाई ने आगे कहा कि, मेरी बहन बेरोजगारी का मुद्दा उठाती रही है. वह किसान आंदोलन में भी गई थी. पिछले 5 महीने से वह हिसार में ही रह रही थी. हमें मालूम नहीं कि वह दिल्ली गई हुई है. हमारे पिता पेशे से हलवाई हैं और दोनों भाई दूध का काम करते हैं. बेरोजगारी मुद्दा तो है ही. लेकिन हम उससे पूछेंगे कि ऐसा उसने क्यों किया.

सागर की बहन का बयान
सागर की बहन ने बताया सागर ई रिक्शा चलाता है. दिल्ली दो दिन पहले गया था. सागर बैंगलोर में भी रहा है. सागर का परिवार लखनऊ में किराये पर रहता है. ईरिक्शा पिछले दो तीन महीने से चला रहा था. सागर के पडोसियों का कहना है कि सागर ई रिक्शा चलाता है. पिछले पद्रहा साल से लखनऊ में रहता था. पडोसियों का कहना है कि सागर काफी अच्छा लडका था. 

विपक्ष ने कसा तंस
इस मामले पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'तथ्य यह है कि इन लोगों को स्पष्ट रूप से सत्ताधारी पार्टी के एक मौजूदा सांसद ने प्रायोजित किया था.ये लोग स्मोक पिस्तौल की तस्करी करते थे जो दर्शाता है कि एक गंभीर सुरक्षा चूक है. उन्होंने न केवल पिस्तौलें चलाईं बल्कि कुछ ऐसे नारे भी लगाए जो हममें से कुछ लोगों को सुनाई नहीं दे रहे थे. पुराने भवन की व्यवस्थाओं की तुलना में सुरक्षा की दृष्टि से नया भवन बहुत अच्छी तरह से तैयार नहीं किया गया लगता है." 

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