Sri Ganganagar: 3 साल बाद पुलिस के हत्थे लगे हत्या के आरोपी, इस तरिके से दे रहे थे पुलिस को चकमा
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Sri Ganganagar: 3 साल बाद पुलिस के हत्थे लगे हत्या के आरोपी, इस तरिके से दे रहे थे पुलिस को चकमा

28 जुलाई 2020 की रात्रि अनूपगढ़ के गांव 16 ए में कुछ युवकों ने मिलकर सुभाष ओड की लाठी-डंडों से हत्या कर दी थी. हत्या करने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे.

Sri Ganganagar: 3 साल बाद पुलिस के हत्थे लगे हत्या के आरोपी, इस तरिके से दे रहे थे पुलिस को चकमा

Sri Ganganagar: 28 जुलाई 2020 की रात्रि अनूपगढ़ के गांव 16 ए में कुछ युवकों ने मिलकर सुभाष ओड की लाठी-डंडों से हत्या कर दी थी. हत्या करने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे. इस मामले में पुलिस ने पूर्व में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और अब पुलिस ने इस मामले में मनप्रीत सिंह उर्फ मना तथा तरसेम सिंह उर्फ सेमा को भी गिरफ्तार कर दिया है.थानाधिकारी फूलचंद शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपी अपनी पहचान और नाम बदल कर रह रहे थे.

मुखबिर की सूचना के आधार पर मनप्रीत सिंह को अनूपगढ़ के पब्लिक पारक के पास से और तरसेम सिंह को रावला से गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 15 मई तक का रिमांड लिया गया है. थानाधिकारी फूलचंद शर्मा ने बताया कि हत्या के अगले दिन ही मनप्रीत सिंह और तरसेम सिंह अन्य आरोपी दोस्तों के कहने पर फरार हो गए थे.पुलिस के पास केवल इनके नाम ही थे यह दोनों आरोपी बड़े ही शातिर थे.

पहचान बदलकर रह रहे थे अन्य स्थानों पर
थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ मना पुत्र गुरदेव सिंह निवासी गांव 6 के अनूपगढ़ के पब्लिक पार्क के सामने पहचान और नाम बदलकर पिज्जा हट नाम से फास्ट फूड की दुकान कर ली थी और लगभग छह महीनों से इसी पिज़्ज़ा हट पर रहकर वह अपना काम कर रहा था. तरसेम सिंह उर्फ सेमा पुत्र लाल सिंह निवासी 10 पी काफी शातिर निकला.वह हत्या के अगले दिन ही अपने गांव से फरार हो गया और रावला में सेमा के नाम से अपनी पहचान बनाकर वहां एक मोटर मैकेनिक की दुकान पर काम करने लग गया.

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थानाधिकारी फूलचंद शर्मा ने बताया कि पुलिस को अब मुखबिर से सूचना मिली थी कि दोनों अपना नाम बदलकर काम कर रहे हैं. इस पर तुरंत प्रभाव से टीम का गठन कर दोनों को हिरासत में लिया गया और पूछताछ की गई तो पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद ही न्यायालय में पेश किया गया और 15 मई तक पुलिस रिमांड लिया गया है.

पूर्व में साथ आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पूर्व में अमरजीत पुत्र यशपाल सिंह निवासी वार्ड नंबर 8,मनप्रीत सिंह उर्फ तोता पुत्र दलजीत सिंह निवासी वार्ड नंबर 5, अकाशदीप पुत्र कुलविंदर सिंह निवासी वार्ड नंबर 5, सलीम खान पुत्र गुरदीप खान निवासी वार्ड नंबर 4,गगनदीप सिंह पुत्र भोला सिंह निवासी गांव 8के,संदीप सिंह पुत्र निशांत सिंह निवासी 16ए, गुरप्रीत सिंह उर्फ तोता अमली पुत्र जगरूप सिंह निवासी 16 ए को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है.

टीम में इनका रहा सहयोग
हत्या के मामले में तीन बरसों से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार करने में थानाधिकारी फूलचंद शर्मा,रीडर कृष्ण कुमार, कांस्टेबल केसर सिंह, कांस्टेबल अर्जुनलाल और कोस्टल पवन कुमार का विशेष सहयोग रहा है.

यह है मामला
थानाधिकारी शर्मा ने बताया कि संदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह मृतक सुभाष ओड के पड़ोसी हैं.इन दोनों का मृतक के साथ आए दिन विवाद होता रहता था. इसी रंजिश के चलते दोनों ने सुभाष ओड से बदला लेने की ठान ली.28 जुलाई 2020 को संदीप सिंह घर पर नहीं था मगर उसने सुभाष ओड से बदला लेने की योजना बनाई. इस योजना में संदीप सिंह ने सभी उक्त आरोपियों को शामिल किया. योजना बनाने के बाद संदीप सिंह के कहने पर सभी आरोपियों ने 28 जुलाई 2020 की रात्रि सुभाष और की लाठी और डंडों से हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए.

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