Bassi: केशवविद्यापीठ जामड़ोली में विश्व पशुजन्य रोग दिवस पर सेमिनार का हुआ आयोजन
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Bassi: केशवविद्यापीठ जामड़ोली में विश्व पशुजन्य रोग दिवस पर सेमिनार का हुआ आयोजन

पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर के संघटक वेटरनरी कॉलेज (पीजीआईवीईआर) जामड़ोली जयपुर के पशु जन्य रोग निदान एवं निगरानी केन्द्र द्वारा शंकर लाल धानुका आदर्श विद्या मंदिर केशव विद्यापीठ, जामड़ोली जयपुर में विश्व पशुजन्य रोग दिवस के अवसर पर एक संघोष्ठी का आयोजन किया गया. 

Bassi: केशवविद्यापीठ जामड़ोली में विश्व पशुजन्य रोग दिवस पर सेमिनार का हुआ आयोजन

Bassi: राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर के संघटक वेटरनरी कॉलेज (पीजीआईवीईआर) जामड़ोली जयपुर के पशु जन्य रोग निदान एवं निगरानी केन्द्र द्वारा शंकर लाल धानुका आदर्श विद्या मंदिर केशव विद्यापीठ, जामड़ोली जयपुर में विश्व पशुजन्य रोग दिवस के अवसर पर एक संघोष्ठी का आयोजन किया गया. इसमें केशव विद्यापीठ के प्रधानाचार्य धीरज जोशी और अन्य सभी प्राचार्यो एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया. 

इस अवसर पर पशु जन्य रोग, निदान एवं निवारण केंद्र के प्रभारी व डेयरी एवं खाद्य प्रोद्यौगिकी महाविद्यालय बस्सी, जयपुर के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) धर्म सिंह मीना ने अपने व्याख्यान मे बताया कि संपूर्ण विश्व में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के निर्देशानुसार विश्व पशु जन्य रोग दिवस, फ्रेन्च वैज्ञानिक लुईस पाश्चर (1885 ) जिन्होंने सबसे पहले रेबीज के टीके की खोज की थी के सम्मान में मनाया जाता है। इस दिन पशुओं से मनुष्यों में होने वाली बीमारीयों के बारे में जनजागरूकता अभियान चलाया जाता है, जिससे कि मनुष्यों को स्वस्थ्य रखा जा सके

प्रो मीना ने बताया कि वर्तमान में पशुजन्य रोगों की घातकता को देखते हुए हमें विशेष चौकन्ना रहने की आवश्यकता है. मनुष्यों में होने वाले सभी संक्रामक रोगों में से 60 प्रतिशत से अधिक पशु जन्य रोग होते हैं, जैसे रेबीज, टी.बी. ब्रुसेला, बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू कोरोना, इबोला इत्यादि.

डॉ. मीना ने बताया कि पशु जन्य रोग मुख्यतः चार प्रकार से फैलते हैं. सीधा संपर्क से, अप्रत्यक्ष रूप से, वेक्टर द्वारा या खाद्यय जनित. अतः इन बीमारियों से बचने के लिए पशुओं से प्राप्त उत्पादों को हमेशा पकाकर ही इस्तेमाल करना चाहिए. साथ हीं, फलों और सब्जियों को हमेशा साफ करके और उबालकर ही उपयोग में लाना चाहिए. 

पशु जन्य रोग निदान एवं निगरानी केंद्र में कार्यरत डॉ. मोनिका सोनी ने रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के कारक, लक्षण बचाव और टीकाकरण की जानकारी दी. डॉ लता शर्मा ने पशुओं में होने वाली टी.बी. रोग के लक्षण और बचाव के बारे में बताया. डॉ ज्योति ने ब्रूसेलोसिस बीमारी के बारे में विस्तृत संपूर्ण जानकारी साझा की.  

वेटरनरी कॉलेज, (पी.जी.आई. वी. ई.आर). चिकित्सा सकुल विभाग द्वारा बिल्लियों और श्वानों में रेबीज टीकाकरण कैंप का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ वेटनरी कॉलेज की अधिष्ठाता प्रो. (डॉ) संजीता शर्मा द्वारा किया गया. इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिकतर संकाय सस्दय एवं विद्यार्थीयों ने भाग लिया. कैंप में निःशुल्क रेबीज टीका एम. एस डी एनीमल हेल्थ कंपनी द्वारा प्रदान किए गए. 

Reporter- Amit Yadav 

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