बांदीकुई क्षेत्र में खरीफ फसल बुआई का कार्य जारी, क्या अच्छी बारिश है बड़ी वजह ?
Advertisement
trendingNow1/india/rajasthan/rajasthan1224625

बांदीकुई क्षेत्र में खरीफ फसल बुआई का कार्य जारी, क्या अच्छी बारिश है बड़ी वजह ?

दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में हुई प्री मानसून की अच्छी बारिश के बाद खरीफ की फसल बुआई का काम शुरू हो गया. किसान खेतों में बुआई के काम में जुटे नजर आयें. 

 

 बांदीकुई क्षेत्र में खरीफ फसल बुआई का कार्य जारी, क्या अच्छी बारिश है बड़ी वजह ?

बांदीकुई: दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में हुई प्री मानसून की अच्छी बारिश के बाद खरीफ की फसल बुआई का काम शुरू हो गया. किसान खेतों में बुआई के काम में जुटे नजर आयें. दिन भर ट्रैक्टरों से खेतों में हल जुताई का कार्य किया गया. बुआई से पहले किसान खेतों की साफ सफाई में जुटे रहे और खाद फैलाने के बाद में बुआई का कार्य किया जाएगा. बाजरा, ज्वार, तिल, मक्का, ग्वार, मोंठ सहित अन्य खरीफ की फसलों की बुआई की जाएगी. हालांकि क्षेत्र में अधिकांश रकबे में बाजरे की ही बुआई होगी.

 हाईब्रिड बीज पहली पसंद
वर्तमान समय में आधुनिकता के दौर में खेती में भी भारी परिवर्तन देखने को मिल रहा है. यहीं कारण है कि हाईब्रिड बीज किसानों की पहली पसंद बन गया है. कृषि अधिकारी उदल सिंह गुर्जर का कहना है कि बारिश के कम अनुपात और वर्तमान दौर को देखते हुए किसान हाईब्रिड बीज बो रहे हैं. क्योंकि हाईब्रिड फसल कम पानी में भी तैयार हो जाती है. 

साथ ही वर्तमान में हाईब्रिड बीज कीटनाशक और अन्य रोगों को देखते हुए भी अच्छा माना जाता है. फड़का और टिड्डा जैसे कीडों से भी हाईब्रिड फसल ज्यादा सुरक्षित रहती है. इसके साथ ही हाईब्रिड फसल में उत्पादन भी अधिक होता है. इस फसल से चारा भी अधिक निकलता है.

क्या वसूले जा रहे हैं, मनमर्जी दाम ?
बारिश होने के बाद खरीफ की फसल की बुआई देखते हुए खादबीजों की दुकान पर खरीददारों की भारी भीड़ देखने को मिली. किसानों का कहना है कि दुकानदार बीजों के मनमर्जी दाम वसूल रहे हैं. बारिश के बाद में बीजों के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई. लेकिन किसान मजबूरन मंहगे दामों में ही बीज खरीद रहे हैं. क्योकिं उन्हें खरीफ की फसल की बुआई तय समय में ही करनी है. 

सबसे ज्यादा बाजरे के बीजों के दामों में वृद्धि देखने को मिली. बीते दिनों में साढे़ पांच सौ रुपये में बिकने वाली बाजरे पैकेट अब छह सौ रूपये तक बेचा गया. हालांकि खाद बीज की दुकानों पर जिले के कृषि अधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं, जिसके चलते दुकानदार किसानों को ठग नहीं सके.

अपने जिले की खबर पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

Reporter-Laxmi Sharma

 

Trending news