कौन सा राज्‍य है जिसके मुख्‍यमंत्री के लिए कल से सोशल मीडिया पर चल रहा मिसिंग सीएम ट्रेंड?
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कौन सा राज्‍य है जिसके मुख्‍यमंत्री के लिए कल से सोशल मीडिया पर चल रहा मिसिंग सीएम ट्रेंड?

Social Media Trends: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई ने 'मिसिंग सीएम' हैशटैग शुरू किया और पार्टी के समर्थकों ने इसके साथ संदेश पोस्ट करने शुरू कर दिए.

कौन सा राज्‍य है जिसके मुख्‍यमंत्री के लिए कल से सोशल मीडिया पर चल रहा मिसिंग सीएम ट्रेंड?

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बजाय दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक में शामिल होने के लिए मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के लिए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 'मिसिंग सीएम' (गुमशुदा मुख्यमंत्री) ट्रेंड करता रहा.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई ने 'मिसिंग सीएम' हैशटैग शुरू किया और पार्टी के समर्थकों ने इसके साथ संदेश पोस्ट करने शुरू कर दिए.

इससे पहले दिन में स्टालिन ने कहा था कि वह 20 दिसंबर को तूत्तुक्कुड़ि और तिरुनेवेली जाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा था कि आज की यात्रा का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करके राज्य की जनता के लिए बाढ़ राहत बढ़वाना है.

बीजेपी ने साधा निशाना
भाजपा ने लिखा, 'क्या दक्षिण तमिलनाडु के लोगों की आह आपके कानों तक नहीं पहुंच रही है, ‘मिसिंग सीएम’ एम के स्टालिन.' भाजपा ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “प्रिय मिसिंग सीएम एमके स्टालिन- नाटक बंद कीजिए! बाढ़ सहायता के लिए हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए दिल्ली जाने का आपका दावा गलत साबित हुआ! सच्चाई यह है कि आपकी यात्रा आज दिल्ली में पहले से निर्धारित इंडिया गठबंधन की बैठक के लिए थी.'

सीएम ने शेयर की पीएम के साथ मुलाकात की तस्वीरें
मंगलवार रात को सीएम स्टालिन ने पीएम मोदी से मुलाकात की तस्वीरें ट्विटर पर शेयर कीं. उन्होंने पीएम मोदी को एक ज्ञापन भी सौंपा. मुख्यमंत्री ने राज्य के दक्षिणी जिलों में हाल में आई बाढ़ के बाद राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से 2,000 करोड़ रुपये जारी किए जाने का मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया.

 

स्टालिन ने दिल्ली में मोदी को सौंपे एक ज्ञापन में कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को इस अंतरिम राहत से आजीविका संबंधी सहायता प्रदान करने और तिरुनेलवेली, तूत्तुक्कुडी, कन्याकुमारी और तेनकासी जिलों में अस्थायी पुनर्वास कार्य करने में मदद मिलेगी.

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