DNA: नोट बदलने में झोल, मजदूरों को पैसे देकर रोजाना कौन बदलवा रहा 2 हजार के पुराने रुपये
Advertisement

DNA: नोट बदलने में झोल, मजदूरों को पैसे देकर रोजाना कौन बदलवा रहा 2 हजार के पुराने रुपये

DNA on Reserve Bank Kolkata: देश में 2 हजार रुपये नोट बदलने की समयसीमा कब की खत्म हो चुकी है. इसके बावजूद कोलकाता में अब इन्हें बदलने का खेल चल रहा है.

 

DNA: नोट बदलने में झोल, मजदूरों को पैसे देकर रोजाना कौन बदलवा रहा 2 हजार के पुराने रुपये

Zee News DNA on Reserve Bank Kolkata: देश में 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद 2000 के नोट चलन में आए थे. लेकिन 19 मई 2023 को 2000 के नोटों को चलन से बाहर करने की RBI ने घोषणा की. तब RBI की तरफ से कहा गया था, कि लोग चिंता ना करें 2000 के नोट 30 सितंबर 2023 तक सभी बैंकों की शाखा में जमा करके बदलवा सकते हैं. पहले 2000 के नोट बैंक में जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर थी. जिसे RBI ने बाद में बढ़ाकर 7 अक्टूबर 2023 तक कर दिया था.

खत्म हो चुकी है नोट बदलने की समय सीमा

आप में से ज्यादातर लोगों ने 2 हज़ार के नोट बदलवाने की पहली समयसीमा यानी 30 सितंबर तक नोट बदलवा लिये होंगे. या फिर 7 अक्टूबर तक आपने ऐसा कर लिया होगा. हालांकि, जो लोग ऐसा नहीं कर पाये उनके लिए भी RBI की तरफ से व्यवस्था की गई.

RBI ने देश में अपनी 19 शाखाओं में नोट बदलने की व्यवस्था की.

वैध पहचान पत्र के साथ एक दिन में 2 हज़ार के 10 नोट बदलवाए जा सकते है.

हालांकि, वैध पहचान पत्र के साथ एक व्यक्ति RBI की ब्रांच से बैंक अकाउंट में 20 हज़ार से ज्यादा रुपये जमा कर सकता है.

पोस्ट ऑफिस के जरिये भी 2 हज़ार के नोट बैंक खाते में जमा करने की सुविधा दी गई.

रिजर्व बैंक के बाहर क्यों लगी हुई है लाइनें?

RBI की कोलकाता ब्रांच के बाहर इन दिनों सैंकड़ों लोग लाइन में लगे हुए हैं. RBI ब्रांच के बाहर लाइन में लगे लोगों को देखकर वर्ष 2016 की तस्वीर याद आती हैं, जब नोटबंदी के समय लोग नोट बदलवाने के लिए लंबी-लंबी लाइन में लगा करते थे.

RBI की कोलकाता ब्रांच के बाहर भी ये लाइन 2000 के नोट बदलवाने वाले लोगों की है, यहां सबके पास दो-दो हज़ार के 10-10 नोट हैं, यानी सबके पास 20-20 हज़ार रुपये हैं. लाइन में लगे लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंध रखते हैं. जो दिनभर मेहनत मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं. लेकिन RBI की इस शाखा पर रोजाना 20 हज़ार रुपये बदलवाने आते हैं. जब Zee News की टीम ने पड़ताल शुरू की, तो हमारे सामने कई सवाल थे.

एक साथ बड़ी संख्या में लोग नोट बदलवाने क्यों पहुंच रहे हैं ?

नोट बदलवाने वाले लोगों का एक वर्ग विशेष से क्या संबंध है ?

नोट बदलवाने वाले लोग रोजाना 20 हज़ार रुपये कहां से लाते हैं ?

क्या मजदूरी करने वाले लोग किसी के कहने पर नोट बदलवा रहे हैं ?

600 रुपये देकर बदलवा रहा 20 हजार रुपये

नोट बदलवाने के लिए जितने भी लोग लाइन में लगे हैं, सब गरीब परिवार से हैं. क्या आप यकीन करेंगे कि इनके पास इतना पैसा हो सकता है कि रोज दो-दो हज़ार के दस नोट लेकर ये उन्हें बदलवाने के लिए RBI की ब्रांच पहुंच जाएं.

Zee News संवाददाता सोमित सेनगुप्ता ने जब पड़ताल की, तो पता चला कि इन लोगों को दिहाड़ी पर लाइन में लगाया गया है. जिन्हें प्रतिदिन लाइन में लगने के बदले 400 से 600 रुपये तक मजदूरी मिलती है. और लाइन में लगने वाले लोग ऐसा पिछले करीब 3 महीने से कर रहे हैं. जिससे इनकी रोजी रोटी चल रही है. लेकिन वे आखिर किसके कहने पर ऐसा कर रहे हैं. 

पिछले कुछ महीनों से कोलकाता के RBI दफ्तर के बाहर इसी तरह लाइन लगती है, सबके हाथ में दो-दो हज़ार के दस नोट होते हैं. जिन्हें बदलने पर इन्हें 20 हज़ार रुपये कीमत के 500-500 या फिर 200-200 के नोट मिल जाते हैं.

आखिर कौन ठिकाने लगा रहा काली कमाई

पूर्वी भारत की अर्थ व्यवस्था में रिजर्व बैंक की इस ब्रांच की अहम भूमिका रहती है. पिछले कुछ दिनों से यहां पर कुछ ऐसे लोग लाइन में लग कर 2000 हजार का नोट बदलवा रहे है. हर एक व्यक्ति 20 हजार की राशि एक्सचेंज करवा रहने. जिसे देख कर संदेह हो लाजमी है. 
ये लोग 20 हज़ार रुपये के मालिक कुछ घंटों के लिए होते हैं. नोट बदलवाने के बाद RBI दफ्तर से कोई बगले झांकते हुए..तो कोई मुंह छिपाकर निकलता है. कुछ दूर जाने पर नोट इनके हाथों से गायब हो जाते हैं. और 20 हज़ार के बदले बचते हैं सिर्फ 400 से 600 रुपये.

कोलकाता में RBI दफ्तर के बाहर नोट बदलवाने का काम संगठित तौर पर चल रहा है, लाइन में लगने वाली महिलाओं और पुरुषों का दावा है, कि रोजाना कोई शख्स इन्हें दो-दो हजार के 10 नोट देता है. फिर इन्हें अपना पहचान पत्र दिखाकर इन नोटों को RBI दफ्तर से बदलवाना होता है. लेकिन नोट देने वाला कौन है, वो किसका बिचौलिया है इसकी इन्हें कोई जानकारी नहीं है.

अब तक करीब 54 करोड़ खपने का अंदेशा

RBI की कोलकाता ब्रांच पर प्रतिदिन औसतन 300 लोग नोट बदलवा रहे हैं. इस लिहाज से देखा जाये तो अगर एक व्यक्ति एक दिन में 20 हज़ार रुपये के नोट बदलवा रहा है तो 300 लोग रोजाना 60 लाख रुपये कीमत के 2 हज़ार के नोट बदलवा रहे हैं. नवंबर 2023 की शुरूआत से ऐसा चल रहा है. यानी औसतन 90 दिनों में करीब 54 करोड़ रुपये के नोट बदले जा चुके होंगे. 

युवा, महिलाएं, बुजुर्ग..दिहाड़ी पर नोट बदलने के काम में लगे हैं. उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा कि पैसा किसका है. लेकिन कोई है, जो अपनी ब्लैकमनी को व्हाइट करने में इन मजदूरों को मोहरा बना रहा है. कोई व्यक्ति विशेष अपने ईमानदारी के पैसो को नोट मजदूरों से तो बदलवाएगा नहीं, इसलिए इस बात की पूरी आशंका है कि बदलवाए जा रहे 2 हज़ार के नोटों में कोई झोल जरूर है.

कमाल की बात देखिये, कि RBI की कोलकाता ब्रांच में दिहाड़ी पर मजदूर नोट बदलवाते हैं. कोई गड़बड़ ना फैल जाये इसके लिए पुलिस और बैंक के गार्ड तैनात होते हैं. लेकिन नोट बदलने के झोल पर किसी का ध्यान नहीं है.

8,897 करोड़ रुपये के दो हजार के नोट अभी भी चलन में

कोई भी आम इंसान अपनी मेहनत के पैसों को इस तरह लाइन में मजदूर लगवाकर नहीं बदलवाएगा, ज्यादातर लोग अपने दो-दो हज़ार के नोटों को तय समयसीमा में बदलवा चुके हैं. 1 फरवरी 2024 को RBI ने प्रेस नोट जारी किया था. जिसके मुताबिक 19 मई 2023 को जब 2000 के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा की गई, उस समय 3 लाख 56 हज़ार करोड़ रुपये कीमत के 2 हज़ार के नोट चलन में थे.

31 जनवरी 2024 तक 3 लाख 47 हज़ार 103 करोड़ रुपये यानी 2 हज़ार के नोटों का कुल 97.5 फीसदी बैंकों में जमा हो चुका था. RBI के प्रेस नोट के मुताबिक इस समय बाजार में 8,897 करोड़ रुपये कीमत के 2 हजार के नोट चलन में हैं.

आखिर बैंक क्यों नहीं दे रहा ध्यान?

दो हजार के नोट अभी भी वैध मुद्रा है, लेकिन अब दो हज़ार के नोट सिर्फ RBI की 19 ब्रांच में ही बदलवाए जा सकते हैं. ऐसा ही कोलकाता की RBI ब्रांच में हो रहा है. मगर यहां जिस तरह मजदूरों के जरिये नोट बदलवाए जा रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि पैसा बदलवाने वाले खुद को कानून से बचाना चाहते हैं.

वो अपनी आय का स्रोत छिपाने और बड़ी मात्रा में 2 हज़ार के नोटों की अबतक उपलब्धता की वजह बताने से बचना चाहते हैं. इसलिए मजदूरों को 400 से 600 रुपये कमीशन देकर Black Money को छोटे-छोटे टुकड़ों में बिचौलियों के जरिये White करा रहे हैं. जांच एजेंसियों को इस संगठित अपराध और अपराधियों की जड़ तक जाना होगा.

(सोमित सेनगुप्ता)

Trending news