Delhi News: धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों का लगाया था चूना
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Delhi News: धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों का लगाया था चूना

Delhi News:  पूछताछ के दौरान आरोपियों ने आगे खुलासा किया कि उन्होंने किराए के परिसर के मालिक के रूप में दिखाने के बहाने विभिन्न बैंकों में जरूरतमंद लोगों के नाम पर चालू बैंक खाते खोले थे, जिनका उपयोग धोखाधड़ी की गई राशि के लिए किया गया था.

Delhi News: धोखाधड़ी के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों का लगाया था चूना

Delhi News: शाहदरा जिले के थाना साइबर पुलिस की टीम ने साइबर धोखाधड़ी के मामले को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से 20 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 91 सिम कार्ड के साथ चेकबुक और स्टांप पेपर बरामद किए गए. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तिलक नगर निवासी हरपाल सिंह, मादीपुर निवासी सनम विलियम उर्फ ​​राहुल और करावल नगर निवासी रमजान के रूप में हुई है.          

थाना साइबर में शिकायत प्राप्त हुआ था कि शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार रस्तोगी ने आरोप लगाया था कि उन्हें एली वर्ल्ड नामक एक निवेश समूह द्वारा धोखा दिया गया है और इससे उन्हें 33 लाख 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. उक्त समूह ने अपने पोर्टल के माध्यम से लोगों को शेयरों में निवेश करने का लालच दिया, जहां उनके कई सदस्य थे जो स्टॉक ट्रेडिंग के कारण नियमित रूप से उच्च लाभ कमाते थे.

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मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इंस्पेक्टर मनीष कुमार की देखरेख में एसआई श्वेता शर्मा, हेड कांस्टेबल अजीत, अमित, विकास, सोनिया और कांस्टेबल मनीष का टीम गठन किया गया.  जांच के दौरान उत्त बैंक खातों को शिकायतकर्ता द्वारा प्रदान किए गए उक्त खातों के लाभार्थी को प्रदान करने के लिए देखा गया, जहां धोखाधड़ी की गई राशि स्थानांतरित की गई थी. संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बाद संदिग्ध फोन नंबरों और मेलों के IMEI नंबरों की जांच की गई, जिसके बाद यह पाया गया कि उपरोक्त IMEI में एक सिम अभी भी सक्रिय था और कथित सिम को तकनीकी निगरानी पर रखा गया था. मौजूद सबूत के आधार पर तीन आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया. आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, स्टांप, चेक बुक, चेक, डेबिट कार्ड और 91 सिम कार्ड बरामद किए गए.

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने आगे खुलासा किया कि उन्होंने किराए के परिसर के मालिक के रूप में दिखाने के बहाने विभिन्न बैंकों में जरूरतमंद लोगों के नाम पर चालू बैंक खाते खोले थे, जिनका उपयोग धोखाधड़ी की गई राशि के लिए किया गया था. इसके बाद, उन्होंने अपने पोर्टल के माध्यम से शेयरों में निवेश करने के लिए विभिन्न तरीकों से लोगों को ऑनलाइन लालच दिया, जहां उनके पास कई फर्जी सदस्य थे, जो नियमित रूप से स्टॉक ट्रेडिंग के कारण उच्च लाभ कमाने वाले पोस्ट करते थे.

INPUT- Rakesh Kumar

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