Ajit Kumar Left JDU: लोकसभा चुनाव के बीच CM नीतीश को बड़ा झटका, जगदानंद सिंह के बेटे अजीत कुमार ने JDU छोड़ी
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Ajit Kumar Left JDU: लोकसभा चुनाव के बीच CM नीतीश को बड़ा झटका, जगदानंद सिंह के बेटे अजीत कुमार ने JDU छोड़ी

Ajit Kumar Resign:  अजीत कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन करने पर भी नाराजगी जताई है. उन्होंने लिखा कि पार्टी के द्वारा दो बार गठबंधन को लेकर दो बड़े फैसले लिए गए. जिसमें किसी तरह का विचार-विमर्श नहीं किया गया. इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में कंफ्यूजन बढ़ा है.

अजीत कुमार ने JDU छोड़ी

Ajit Kumar Left JDU: लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बड़ा झटका लगा है. जेडीयू के महासचिव अजीत कुमार ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. अजीत कुमार ने पार्टी से नाराजगी जताते हुए प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को पत्र लिखकर प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. अजीत कुमार ने अपने पत्र में पार्टी के कामों और फैसलों पर बड़े सवाल खड़े किए हैं. बता दें कि अजीत कुमार, राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे हैं. उन्होंने 12 अप्रैल 2022 को जेडीयू का दामन थामा था. महज 2 साल में ही उनका जेडीयू से मोहभंग हो गया. माना जा रहा है कि वह अब अपने पिता के कहने पर राजद ज्वाइन कर सकते हैं. 

अजीत कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन करने पर भी नाराजगी जताई है. उन्होंने लिखा कि पार्टी के द्वारा दो बार गठबंधन को लेकर दो बड़े फैसले लिए गए. जिसमें किसी तरह का विचार-विमर्श नहीं किया गया. इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में धरातल पर असमंजस की स्थिति लगातार बनी रहती है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पलटी मारने वाली आदत पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता जैसे ही पार्टी की तरफ से कोई भी स्टैंड लेना शुरू करते हैं, तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से ठीक उल्टा निर्णय ले लिया जाता है. फिर भी हम सबों को लगा कि मुख्यमंत्री पार्टी और राज्यहित को देखते हुए कुछ उचित फैसला लिए होंगे, लेकिन चुनाव के दो चरण बीत जाने के बावजूद भी एनडीए गठबंधन की तरफ से बिहार हित को लेकर कोई भी बड़ी घोषणा अभी तक नहीं हुई है. 

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पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए अजीत कुमार ने लिखा कि सामान्यतः पिछले चुनावों में बिहार के हित को लेकर प्रधानमंत्री स्वयं ही कोई न कोई बड़ी घोषणा किया करते थे, लेकिन इस बार बिहार के बारे में उनकी तरफ से विशेष राज्य का दर्जा सहित दर्जनों बड़े विषय पर अभी तक कोई वादा या चर्चा तक नहीं किया गया है. यहां तक कि भाजपा के नेता संविधान बदलने की बात सार्वजनिक मंच से लगातार कर रहे हैं, जिन पर अंकुश न लगाने की वजह से बीजेपी का एजेंडा देश के लोकतंत्र लिए खतरनाक रूप अख्तियार कर चुका है. 

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उन्होंने कहा कि नागरिक समाज में इस विषय को लेकर गहरी चिंता है. ऐसे में संगठन के पद धारक के तौर पर नैतिक रूप से लोगों के बीच में जाकर एनडीए गठबंधन के लिए वोट मांगना ठीक प्रत्तीत नहीं हो रहा है. इसलिए जनता दल यूनाइटेड पार्टी के पद/सांगठनिक प्रभार सहित प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा इस पत्र के माध्यम से आपको सौंपता हूँ. दल के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिले स्नेह के प्रति भी धन्यवाद प्रकट करता हूँ. बता दें कि 12 अप्रैल 2022 को जगदानंद सिंह के बेटे अजीत कुमार ने जेडीयू का दामन थामा था.

रिपोर्ट- शिवम

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