यहां मां की भक्ति में डूबे किन्नर अपने यजमानों की सुख-समृद्धि की मांगते हैं मन्नत
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यहां मां की भक्ति में डूबे किन्नर अपने यजमानों की सुख-समृद्धि की मांगते हैं मन्नत

ऐसे तो पूरे देश में माता की आराधना की जाती है. नवरात्र में हर आम और खास व्यक्ति मां की आराधना करता है. जिसमें अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना माता रानी से लोग करते हैं लेकिन किन्नर समाज खुद के लिए कुछ नहीं मांगता. 

यहां मां की भक्ति में डूबे किन्नर अपने यजमानों की सुख-समृद्धि की मांगते हैं मन्नत

देवघर : Baba Baidyanath Dham transgender Devi Puja: झारखंड की बाब नगरी बैद्यनाथ धाम जिसे देवघर के नाम से जाना जाता है. यहां द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक बाबा बैद्यनाथ विराजते हैं. इसके साथ हीं यहां मां शक्ति का भी निवास है. ऐसे में इसे कामना ज्योतिर्लिंग के नाम से पुकारा जाता है. देवी शक्ति और शिव का एक साथ एक जगह पर विराजमान होना कम ही देखा जाता है. ऐसे में यहां की महिमा निराली है. 

किन्नर समाज 9 दिनों तक कलश स्थापना कर मां की आराधना करते हैं 
ऐसे तो पूरे देश में माता की आराधना की जाती है. नवरात्र में हर आम और खास व्यक्ति मां की आराधना करता है. जिसमें अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना माता रानी से लोग करते हैं लेकिन किन्नर समाज खुद के लिए कुछ नहीं मांगता. आज हम आपको शक्तिपीठ देवघर में एक ऐसे ही किन्नर समाज के बारे में बताएंगे जो 9 दिनों तक कलश स्थापना कर मां की आराधना करते हैं और दूसरों के लिए सुख समृद्धि की कामना करते हैं. यह सब होता है देवघर में. 

शहर के लोगों की शांति समृद्धि और कुलशता की मन्नत मांगते हैं किन्नर 
किन्नर जो समाज में उपेक्षित हैं. आप दुर्गा पूजा अपने और अपने परिवार की सुख समृद्धि और कल्याण के लिए करते होंगे लेकिन किन्नर समाज खुद के लिए माता रानी से कुछ नहीं मांगता. देवघर के बंधा मोहल्ले में किन्नर समाज का एक भरा पूरा परिवार है. जहां पर दर्जनों किन्नर रहते हैं. नवरात्र में बड़े-बड़े पंडाल और मंदिरों में आराधना के साथ-साथ घरों में भी माता रानी की पूजा अर्चना की जा रही है, लेकिन इन सबों से हटकर किन्नर समाज अनोखे अंदाज में मां की आराधना करता है. खास बात यह है कि यह किन्नर समाज कई वर्षों से अपने घर में कलश स्थापना कर नवरात्र में पूजा अर्चना करते हैं और उसके बाद बधाइयां लेने के अपने काम पर जाते हैं. इनकी पूजा में एक और खास बात जुड़ी हुई है कि यह अपने लिए कुछ नहीं मांगते. यह अपने शहरवासियों के लिए मां से आराधना करते हैं. इनका कहना है कि जब शहर शांत और समृद्ध रहेगा तभी इनकी रोजी रोटी चलेगी. इसलिए 9 दिनों तक यह मां की आराधना करते हैं और अपने यजमानों की कुशलता और समृद्धि की कामना करते हैं. 

पूरे विधि विधान से करते हैं पूजा, यजमानों की कुलशता की मांगते हैं दुआ 
बंधा मोहल्ले का रोज मौसी का किन्नर परिवार यहां पर एक दर्जन से ज्यादा किन्नर रहते हैं. सभी मिलकर नवरात्र मनाते हैं. अहले सुबह उठकर घर का कामकाज निपटाते हुए माता रानी के आराधना एवं पूजा में सभी लग जाते हैं और घंटों भजन कीर्तन करते हैं. नवरात्रि के नौवें दिन कुमारी भोजन कराया जाता है और लोगों की सेवा की जाती है.  नवरात्रि के आखिरी दिन इन किन्नरों का आशीर्वाद लेने काफी लोग आते हैं. किन्नरों का कहना है कि हम अपने यजमानों के लिए यह नवरात्र करते हैं ताकि इनके घर सुख समृद्धि रहे. किन्नर समाज इसके जरिए पूजा और अध्यात्म का एक अनोखा मिसाल पेश कर रहा है. 
(रिपोर्ट-विकास राउत)

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