Adipurush Story: आदिपुरुष की ये है खास बातें, ओम राउत ने बदले हैं राम-सीता के नाम और रावण को भी कहा जाएगा...
topStorieshindi

Adipurush Story: आदिपुरुष की ये है खास बातें, ओम राउत ने बदले हैं राम-सीता के नाम और रावण को भी कहा जाएगा...

Ram Sita In Adipurush: दूरदर्शन के धारावाहिक रामायण में सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया ने कहा है कि यह सात्विक और सच्ची कहानी है. हमारी धरोहर है. इसमें वीएफएक्स जैसी छेड़छाड़ की जरूरत नहीं है. लेकिन निर्देशक ओम राउत ने अपनी रचनात्मक कल्पना के साथ आदिपुरुष को बनाया है. कुछ बातें छोड़ी हैं, तो कुछ जोड़ी हैं.

 

 

Adipurush Story: आदिपुरुष की ये है खास बातें, ओम राउत ने बदले हैं राम-सीता के नाम और रावण को भी कहा जाएगा...

Adipurush Director: 2023 में रिलीज होने से पहले ही टीजर के साथ विवादों में घिर गई लेखक-निर्देशक ओम राउत (Om Raut) की फिल्म आदिपुरुष की कहानी पर से धीरे-धीरे पर्दे उठने लगे हैं. हिंदी के दर्शक इस फिल्म का अनाउंसमेंट के साथ ही इंतजार कर रहे थे, लेकिन टीजर ने ज्यादातर लोगों को निराश किया है. खास तौर पर वीएफएक्स (VFX) और टीजर (Teaser) में दिख रहे रावण और हनुमानजी के चरित्र. कई लोग भगवान राम के रूप में नजर आ रहे लीड एक्टर प्रभास (Prabhat) के शरीर को भी कंप्यूटर ग्राफिक्स की मदद से प्लास्टिकनुमा बना दिए जाने से नाखुश हैं. मगर अब फिल्म से जुड़ी और बातें भी सामने आ रही हैं.

राम नाम की महिमा
भारतीय जनमानस में भगवान राम और सीता अपने इन्हीं नामों से लोकप्रिय हैं. लेकिन स्क्रिप्ट लिखते हुए ओम राउत ने राम और सीता के दूसरे नाम फिल्म में रखे हैं. उन्होंने आदिपुरुष में राम को राघव और सीता को जानकी के रूप में संबोधित किया है. राम-सीता के यह दो नाम भी हैं लेकिन धर्मग्रंथों और पुरानी फिल्मों तथा रामानंद सागर (Ramanand Sagar) के लोकप्रिय सीरियल रामायण (Ramayan) में उन्हें लोकप्रिय राम-सीता नामों से ही संबोधित किया गया है. आम तौर पर राम, सीता को जानकी और सीता, राम को राघव (Raghav) संबोधित करती मिलती हैं. इसी तरह से रामायण की कहानी में सीता का हरण करने वाले राक्षसराज का नाम रावण (Ravan) है. लंकापति या लंकेश (Lankesh) तो उन्हें लंका का राजा को होने के कारण कहा जाता है. मगर आदिपुरुष में लेखक-निर्देशक ने रावण का नाम लंकेश बताया है. न कि रावण. यह बातें हाल में खुद ओम राउत ने अपने इंटरव्यू में स्वीकार की हैं.

बायकॉट से बैन तक
ओम राउत ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी आदिपुरुष का आधार जनमानस में लोकप्रिय तुलसीदास (Tulsidas) की रामचरित मानस के बजाय आदिकवि वाल्मीकि (Valmiki) कि रामायण को बनाया है. ओम राउत के अनुसार भले ही वह सात हजार साल पुरानी कहानी कह रहे हैं, लेकिन उनकी कोशिश ऐसी फिल्म बनाने की है, जिससे आज की जनरेशन खुद को कनेक्ट करे. लेकिन फिलहाल तो ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है. एक तो वीएफएक्स की आलोचना और उस पर रावण तथा हनुमान (Hanuman) के किरदारों पर धार्मिक दलों तथा कुछ राजनेताओं के बयानों ने खतरे की घंटी बजा दी है. सोशल मीडिया में अभी तक सिर्फ बॉलीवुड बायकॉट (Bollywood Boycott) और बायकॉट आदिपुरुष की बातें हो रही थीं, लेकिन मंगलवार को कुछ लोग इस फिल्म को बैन (Ban Adipurush) करने की मांग तक करने लगे. जबकि अभी टीजर ही आया है.

ये ख़बर आपने पढ़ी देश की नंबर 1 हिंदी वेबसाइट Zeenews.com/Hindi पर

 

Trending news