बिहार में अब शुरू हुआ पोस्टर वार, पक्ष-विपक्ष गिना रहे अपनी उपलब्धियां
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बिहार में अब शुरू हुआ पोस्टर वार, पक्ष-विपक्ष गिना रहे अपनी उपलब्धियां

Bihar Politics: बिहार में नीतीश कुमार ने महागठबंधन का साथ छोड़ कर एनडीए का दामन थाम लिया है. इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष विज्ञापन के जरिए अपनी-अपनी उपलब्धियां गिना रहे हैं.

बिहार में अब शुरू हुआ पोस्टर वार, पक्ष-विपक्ष गिना रहे अपनी उपलब्धियां

Bihar Politics:  बिहार में नीतीश कुमार के एक बार फिर से 'पलटी मारने' के बाद 17 महीने की महागठबंधन सरकार चली गई, वहीं फिर से एनडीए सरकार बन गई. लेकिन अब किए गए कार्यों और उपलब्धियों का क्रेडिट लेने की जदयू और राजद में होड़ मच गई है. इसको लेकर स्थानीय समाचार पत्रों में बड़े-बड़े विज्ञापन प्रकाशित करवाए जा रहे हैं. पटना से प्रकाशित लगभग सभी समाचार पत्रों में मंगलवार को पूर्व मंत्री अशोक चौधरी और समस्त प्रदेशवासी के नाम से विज्ञापन प्रकाशित करवाया गया है, जिसमें नीतीश कुमार को लेकर 'मेरा नेता मेरा अभिमान' बताते हुए उनके सतत प्रयासों के लिए उनका आभार जताया गया है.

बिहार में पोस्टर वार
इस एक पेज के विज्ञापन में साल 2020 में युवाओं को 10 लाख नौकरी देने, हर गांव, कस्बों तक सड़क, पक्की नाली और गली, गेहूं, चावल के उत्पादन में रिकार्ड वृद्धि सहित 16 विशेष उपलब्धियों का जिक्र किया गया है. इससे दो दिन पहले राजद द्वारा स्थानीय समाचार पत्रों में पूरे एक पेज का विज्ञापन प्रकाशित करवाया गया था, जिसमे पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की बड़ी तस्वीर के साथ लिखा गया था, 'धन्यवाद तेजस्वी, आपने कहा, आपने किया और आप ही करेंगे' के साथ महागठबंधन सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया गया था. जदयू नेता अशोक चौधरी के मंगलवार के प्रकाशित विज्ञापन को तेजस्वी के प्रकाशित विज्ञापन का जवाब माना जा रहा है.

कांग्रेस ने की रोकने की कोशिश
ख्याल रहे कि 28 जनवरी को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए का दामन थाम लिया. उन्होंने पहले 'महागठबंधन' से इस्तीफा दिया इसके बाद NDA में शामिल होने के बाद नई सरकार के लिए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. भाजपा ने नीतीश कुमार को समर्थन दिया. पहले से अंदाजा लगाया जा रहा था कि नीतीश कुमार एनडीए का दामन थाम सकते हैं. ऐसे में कांग्रेस ने नीतीश को एनडीए में जाने से रोकने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रही. इस बार मिला कर नीतीश कुमार पांच बार गंठबंधन बदल चुके हैं.

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