Himachal Pradesh News: कांगड़ा में बिना अनुमति ट्रैकिंग करना पड़ सकता है भारी! इन धाराओं के तहत दर्ज होगा मामला
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Himachal Pradesh News: कांगड़ा में बिना अनुमति ट्रैकिंग करना पड़ सकता है भारी! इन धाराओं के तहत दर्ज होगा मामला

Himachal Pradesh News: कांगडा में 3 हजार मीटर से ऊपर की सभी ट्रैकिंग गतिविधियों पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई है. जिला के कुछ मार्गों पर ट्रैकिंग के लिए पहले अनुमति लेनी होगी. अगर कोई आदेश की अनुपालना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. 

 

सांकेतिक तस्वीर

विपन कुमार/धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में 3 हजार मीटर से ऊपर की सभी ट्रैकिंग गतिविधियों पर आगामी आदेश तक प्रतिबंधित लगा दिया गया है. जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने इसकी अनुपालना को लेकर आदेश जारी किए हैं. उन्होंने शरद ऋतु को देखते हुए जिले में ट्रैकिंग गतिविधियों को लेकर विशेष हिदायतें भी जारी की हैं.

पैराग्लाइडिंग करने वाले पायलट्स के लिए भी जारी किए गए आदेश
आदेश के मुताबिक, करेरी, त्रिउंड और आदि हिमानी चामुंडा मार्गों पर ट्रैकिंग के लिए पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा के कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि आदेश में पैराग्लाइडिंग करने वाले पायलट्स को भी धौलाधार के पास उड़ान न भरने को कहा गया है.

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आदेश का उल्लंघन करने पर इन धाराओं के तहत दर्ज होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि आदेश में यह भी कहा गया है कि आईएमडी शिमला द्वारा चेतावनी व अलर्ट जारी किए जाने पर ट्रैकिंग मार्गों (करेरी, त्रिउंड, आदि हिमानी चामुंडा) के लिए दी की गई अनुमति रद्द मानी जाएगी. एसपी ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर आईपीसी की धारा 188 और आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 51 से 60 के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह हिदायतें आगामी आदेश तक लागू रहेंगी. 

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क्यों जारी किए आदेश
बता दें, सर्दियों में धौलाधार पर्वत शृंखला में काफी ज्यादा बर्फबारी होती है. ऐसे में पर्यटक भी स्नोफॉल को देखते हुए यहां ट्रैकिंग के लिए चले जाते हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में हो रही बर्फबारी के चलते ज्यादातर पर्यटक यहीं फंसे रह जाते हैं. इनमें से कुछ पर्यटक ठीक-ठाक सुरक्षित स्थान तक पहुंच जाते हैं, लेकिन कुछ पर्यटकों की वहीं मौत हो जाती है. इसी को देखते हुए ये आदेश जारी किए गए हैं. बता दें, जिला कांगड़ा के बीड़-बिलिंग-बड़ा भंगाल ट्रैक, जालसू जोत ट्रैक, तालंग जोत ट्रैक और इंद्रहार ट्रैक की ऊंचाई लगभग 3000 हजार मीटर तक है. इनमें त्रियुंड और करेरी भी शामिल हैं. 

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