Noida Twin Tower Demolition: ट्विन टावर गिराने की तैयारी अंतिम चरण में, ध्वस्त करते वक्त बनेगा 'नो फ्लाइंग जोन'

Supertech Twin Tower Demolition: ट्विन टावर के गिराए जाने को लेकर उसके आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट आदि बातों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर मौके पर पहुंचे. उन्होंने ट्विन टावर गिराने वाली कंपनी एडीफिस के डायरेक्टर और जेट डिमोलिशन के इंजीनियर के साथ मौके पर विजिट किया और आसपास के इलाके का मुआयना किया.

Edited by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Aug 24, 2022, 06:08 PM IST
  • नोएडा कमिश्नर ने किया मुआयना.
  • विस्फोटक में जोड़े जा रहे हैं तार.
Noida Twin Tower Demolition: ट्विन टावर गिराने की तैयारी अंतिम चरण में, ध्वस्त करते वक्त बनेगा 'नो फ्लाइंग जोन'

नोएडा. सुपरटेक का ट्विन टावर अब अपने गिराए जाने के अंतिम पड़ाव में पहुंच गया है. ट्विन टावर को 28 अगस्त दिन रविवार समय 2:30 पर गिराया जाएगा. ट्विन टावर के गिराए जाने को लेकर उसके आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट आदि बातों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर मौके पर पहुंचे. उन्होंने ट्विन टावर गिराने वाली कंपनी एडीफिस के डायरेक्टर और जेट डिमोलिशन के इंजीनियर के साथ मौके पर विजिट किया और आसपास के इलाके का मुआयना किया.

रूट को लेकर कमिश्नर ने की बातचीत
पुलिस कमिश्नर के साथ डीसीपी ट्रैफिक और डीसीपी सेंट्रल नोएडा भी मौजूद रहे. आलोक सिंह रूट को लेकर अधिकारियों से बात की. उन्होंने एडफीस कंपनी के इंजीनियर से भी बात की है. सुरक्षा के लिहाज से कमिश्नर आलोक सिंह भी ट्विन टावर गिराए जाने वाले दिन अपनी टीम के साथ मौजूद रहेंगे.

एक्सपर्ट कंपनियों कर रही हैं काम
पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि इस पूरे काम में एडिफिस और जेट डिमोलिशन जैसी एक्सपर्ट कंपनियां काम कर रही हैं और उनके साथ साथ नोएडा के फायर विभाग की टीम, ट्रैफिक विभाग की टीम और लोकल पुलिस लगातार काम कर रही है.

क्यों गिराए जा रहे हैं ट्विन टावर?
इन दोनों टावर के निर्माण की प्रक्रिया साल 2009 में शुरू हुई थी. 2009 में ही सोसाइटी के लोगों ने टावर को लेकर बिल्डर और अथॉरिटी से आपत्ति दर्ज कराई थी. करीब 3 साल तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो लोग 2012 में हाईकोर्ट पहुंचे. 2014 में हाईकोर्ट ने दोनों विवादित टावर को ध्वस्त करने का आदेश दे दिया था. लेकिन इसके बाद बिल्डर ने हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. लंबी सुनवाई के बाद बीते साल अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट ने भी टावर गिराने का फैसला दिया था. 31 अगस्त 2021 को कोर्ट ने टावर को तीन महीने के भीतर ही गिराने का आदेश दिया था. लेकिन डेडलाइन खिसकने के कारण यह काम रुका रहा.

नो फ्लाइंग जोन बनेगा एरिया, 3700 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 अगस्त को जब ट्विन टावर गिराया जाएगा तब आस-पास के क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. यह एक तरीके से नो फ्लाइंग जोन रहेगा. इस बिल्डिंग को ध्वस्त करने में 3700 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाएगा. 32 मंजिला इमारत में विस्फोटक लगाने का काम पूरा हो चुका है और अब तारों के जरिए इसे जोड़ा जा रहा है. 

स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है असर
न्यूज़18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्विन टावर ध्वस्त करने का असर आस-पास के लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है. इन टावरों के नजदीक एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज जैसे प्रोजेक्ट हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इन सोसायटी के लोगों को भी उस दिन सुबह में अपने फ्लैट खाली करने होंगे. 

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