Shinzo Abe State Funeral: जापान में पूर्व पीएम शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार का विरोध तेज, युवक ने खुद को लगाई आग!
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Shinzo Abe State Funeral: जापान में पूर्व पीएम शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार का विरोध तेज, युवक ने खुद को लगाई आग!

Japan News: पूर्व पीएम शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार का विरोध करते हुए एक युवक ने जापान के मौजूदा प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के कार्यालय के पास खुद को आग लगा ली. उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया. आग बुझाने में 1 पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है.

Shinzo Abe State Funeral: जापान में पूर्व पीएम शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार का विरोध तेज, युवक ने खुद को लगाई आग!

Japan Ex Prime Minister Abe Funeral: जापान में बुधवार को एक बड़ी घटना सामने आई. यहां प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के कार्यालय के पास बुधवार को एक शख्स ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली. उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, आग बुझाने की कोशिश के दौरान एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया. फिलहाल पुलिस और प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. पुलिस की एक टीम मामले की जांच कर रही है और उस शख्स के आग लगाने की वजह को वेरिफाई कर रही है.

आग लगाने से पहले पुलिस को दी जानकारी

टीवी असाही की रिपोर्ट के मुताबिक, खुद को आग लगाने से पहले उस शख्स ने पुलिस को बताया कि वह क्यों ऐसा करने जा रहा है. उसने पुलिस को बताया कि वह पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के बाद उनकी राजकीय अंतिम संस्कार की योजना का विरोध कर रहा था. इसी विरोध में उसने खुद को आग लगा ली.

एक नोट में भी लिखा है इसका कारण

वहीं, क्योडो समाचार एजेंसी और अन्य मीडिया आउटलेट्स की मानें तो उस शख्स ने जब खुद को आग लगाई तो वहां अन्य लोग भी मौजूद थे. फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस फटाफट आग बुझाने में जुट गई. बताया जा रहा है कि उस शख्स के पास एक नोट मिला, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री आबे के राजकीय अंतिम संस्कार का विरोध व्यक्त करने की बात लिखी है.

8 जुलाई 2022 को गोली मारकर हुई थी हत्या

बता दें कि जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले आबे की 8 जुलाई 2022 को चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उनके सम्मान में सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित अंतिम संस्कार को 27 सितंबर को अंजाम दिया जाना है. क्योंकि जापान में राजकीय अंतिम संस्कार दुर्लभ है, और यह निर्णय विवादास्पद रहा है. देश की करीब आधी आबादी इसके विरोध में है. इसे लेकर लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है.

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