मेवाड़ में कांग्रेस बनाम बीजेपी का सियासी किस्सा, त्रिकोणीय मुकाबले में कौन है 'तीसरा दावेदार'?
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मेवाड़ में कांग्रेस बनाम बीजेपी का सियासी किस्सा, त्रिकोणीय मुकाबले में कौन है 'तीसरा दावेदार'?

इस बार मेवाड़ के इलाके में त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है. कई सालों से बीजेपी में रहे और पिछले बार के विधायक चंद्रभान आंख्या इस बार बीजेपी से टिकट ना मिलने पर निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतरे हैं. वहीं बीजेपी और कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है.

फाइल फोटो

Rajsthan Chunav 2023: राजस्थान के इतिहास से जुड़ी कई बड़ी हस्तियां इसी चित्तौड़गढ़ से आती हैं चाहे वो बप्पा रावल हो, राणा सांगा, महाराणा प्रताप, मीराबाई, मां पन्नाध्याय, रानी पद्मावती हो या रावल रत्नसिंह. चित्तौड़ का ये दुर्ग हमेशा मुस्लिम आक्रांताओं के निशाने पर रहा है. यही वो धरा है जो अपने त्याग, बलिदान, शौर्यता, वीरता के लिए जानी जाती है, और आज भी राजस्थान की राजनीति के केंद्र बिंदु यही मेवाड़ की धरती का चित्तौड़गढ़ माना जाता है.

इस बार इस इलाके में त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है. कई सालों से बीजेपी में रहे और पिछले बार के विधायक चंद्रभान आंख्या इस बार बीजेपी से टिकट ना मिलने पर निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतरे हैं. जबकि, बीजेपी ने इस बार इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री और उपराष्ट्रपति रहे भैरो सिंह शेखावत के दामाद नरपतसिंह राजवी को उतारा है जो एक बार पहले भी इसी चित्तौड़गढ़ से विधायक रह चुके है और कुल पांच बार के विधायक रहे है. इस सबके बीच कांग्रेस ने सुरेंद्र सिंह जड़ावत पर एक बार फिर दांव खेला है जिन्हें साल 2018 के चुनावों में चंद्रभान आंख्या से हार मिली थी.

चंद्रभान आंख्या के मुताबिक इस बार उनको टिकट इसीलिए नहीं मिला क्योंकि मौजूदा बीजेपी राजस्थान के अध्यक्ष सीपी जोशी से उनकी पुरानी अदावत चली आ रही है. इसीलिए सीपी जोशी ने उनका टिकट जानबूझकर काट दिया, जबकि वो इसी सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं. हाल ही में सीपी जोशी के ऊपर पथराव भी हुआ था, हालांकि चंद्रभान इसमें उनके किसी भी तरह के रोल होने से इंकार करते हैं. 

चंद्रभान के मुताबिक कांग्रेस से उम्मीदवार बनाए गए सुरेंद्र सिंह राज्यमंत्री भी है, उन्होंने इस इलाके में बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है. जमीन के अवैध पट्टे काट कर अपने लोगो को बांटे हैं. चित्तौड़गढ़ पर्यटन के क्षेत्र में जयपुर से भी बढ़िया बन सकता है लेकिन यहां के नेताओं ने इसके लिए कुछ नहीं किया है. शहर में थ्री स्टार, फॉर स्टार होटल मौजूद नहीं है, ना कोई टूरिज्म से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, दुर्ग का एक ही गेट का इस्तेमाल आने जाने के लिए किया जाता है जबकि दूसरा गेट खोलने की मांग अटकी पड़ी है. जहां तक सवाल है चित्तौड़गढ़ में मौजूद सात से आठ बड़ी सीमेंट फैक्टरियों में लोकल लोगों को रोजगार ना दिए जाने का, तो चंद्रभान कहते है कि आनेवाले दिनों में ये तय किया जाएगा की इन फैक्ट्रियों में 50% रोजगार लोकल लोगो को दिया जाए.

बीजेपी ने नरपत सिंह राजीव को अपना उम्मीदवार बनाया है. नरपतसिंह कहते है कि वो जयपुर के रहने वाले है लेकिन उन्हें चित्तौड़गढ़ से टिकट दिया गया है. चंद्रभान के मैदान में उतरने से बीजेपी का वोट बैंक ट्रांसफर नहीं होने वाला है जिसको चुनाव लडना है वो लड़े. लोकल कैडर हमारे साथ ही है. 

लोकल vs बाहरी की लड़ाई पर नरपत सिंह कहते है की चंद्रभान आंख्या को शुरुआत में लोकल स्तर पर मैनें ही आगे बढ़ाया है जब मैं यहां से विधायक था. हमारी लड़ाई कांग्रेस से है. चित्तौड़गढ़ की समस्या को लेकर नरपत सिंह कहते है कि लोकेशन एडवांटेज चित्तौड़गढ़ को नहीं मिल रही है, जो टूरिज्म इंडस्ट्री को बढ़ाने के लिए काम होने चाहिए थे, उन पर बिल्कुल भी काम नही किया गया है. 

सीमेंट फैक्ट्रियों के लोकल लोगों को रोजगार ना दिए जाने पर नरपतसिंह कहते है कि ऑटोमेशन के युग में टेक्निकल कामों के लिए इस क्षेत्र में इंस्टीट्यूट या स्किल सेंटर बनना चाहिए था, लेकिन उस पर काम नहीं किया गया है. अगर ऐसा होगा तो लोकल लोगो को इन फैक्ट्रियों में काम मिलने लगेगा.

कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेंद्र सिंह जड़ावत कहते हैं कि इस इलाके में त्रिकोणीय मुकाबला है. चंद्रभान आंख्या इस इलाके में बाहर के लोगों को बुलाकर भ्रम फैलाने में लगे हुए हैं. हमारा सीधा मुकाबला बीजेपी से है. राजस्थान सरकार ने चित्तौड़गढ़ को मेडिकल कॉलेज, आईटीआई कॉलेज जैसे आठ कॉलेज दिए हैं. पीने के पानी की समस्या से निपटने के लिए चंबल नदी के पानी को इस इलाके में लाने की परियोजना बनाई जा रही है, जिससे आने वाले 50 सालों की समस्या खत्म हो जाएगी. जिला चिकित्सालय खोले जा रहे हैं, हम अपना चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ने जा रहे हैं.

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