महिला की पेट से निकली बच्चे के बराबर की पथरी! 35 साल लिए घूम रही थी वो; डॉक्टर भी हैरान
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महिला की पेट से निकली बच्चे के बराबर की पथरी! 35 साल लिए घूम रही थी वो; डॉक्टर भी हैरान

Algerian Woman: नॉर्थ अफ्रीका के देश अल्जीरिया में डॉक्टरों के एक समूह ने हाल ही में एक चौंकाने वाली खोज की है. एक 73 साल की महिला के गर्भ में 35 साल पुराना स्टोन मिला जो कि एक भ्रूण था. महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास आई थी.

 

महिला की पेट से निकली बच्चे के बराबर की पथरी! 35 साल लिए घूम रही थी वो; डॉक्टर भी हैरान

Shocking: नॉर्थ अफ्रीका के देश अल्जीरिया में डॉक्टरों के एक समूह ने हाल ही में एक चौंकाने वाली खोज की है. एक 73 साल की महिला के गर्भ में 35 साल पुराना स्टोन मिला जो कि एक भ्रूण था. महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास आई थी. इस बुजुर्ग महिला के पेट के एक्स-रे स्कैन किया गया, जिसके गर्भ में स्टोन की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं. अल अरबिया वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 2016 में हुई थी. पाया गया कि लगभग सात महीने का गठित भ्रूण था और उसका वजन 4.5 पाउंड था. विशेषज्ञों का मानना है कि अल्जीरियाई महिला 35 साल तक बिना जाने ही पत्थर के बच्चे को अपने गर्भ में समेटे रही थी.

महिला के साथ आखिर कैसे हुई ये घटना

हालांकि, बताया जाता है कि महिला ने सामान्य जीवन जिया है. यह महिला एक दुर्लभ स्थिति के साथ थी जिसे लिथोपेडियन कहा जाता है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, यह शब्द ग्रीक शब्दों लिथोस (पत्थर) और पीडियन (बच्चा) से बना है. इसका उपयोग एक अवधिगत अस्थानिक गर्भावस्था का वर्णन करने के लिए किया जाता है जिसमें भ्रूण मर जाता है लेकिन मां के शरीर द्वारा पुनः अवशोषित नहीं किया जा सकता है. मृत भ्रूण को उदर गुहा में बनाए रखा जाता है, जिसके चारों ओर कैल्शियम का खोल बन जाता है.

सालों तक छिपा रह सकता है भ्रूण स्टोन

हालांकि यह मामला बहुत ही दुर्लभ और अप्रत्याशित है, लेकिन इसने वैज्ञानिकों और मेडिकल समुदाय को हैरान कर दिया है. यह महिला के लचीलेपन और सहनशीलता का भी प्रमाण है, जिसने 35 साल तक ऐसी असामान्य स्थिति के साथ जीया. रिपोर्ट के मुताबिक, इस महिला का पहले कुछ इलाज चल रहा था, लेकिन उसके गर्भ में पत्थर का बच्चा होने की बात 2016 तक किसी को पता ही नहीं चली. अमेरिका के क्लीवलैंड के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स के डॉक्टर किम गार्सी ने इस बारे में एक इंटरव्यू दिया था. उन्होंने बताया कि जब भ्रूण पत्थर बन जाता है, तो वो मां को किसी संक्रमण से बचाता है, लेकिन इसका ये मतलब भी होता है कि वो सालों तक छिपा रह सकता है.

डॉक्टर किम के मुताबिक, "ज़्यादातर मामलों में लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनके पेट में कुछ ऐसा है और अगर पता भी चल जाए, तो कई बार कुछ नहीं किया जाता, क्योंकि आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते." मतलब, ये पत्थर का बच्चा इतने समय तक महिला के पेट में था, बिना उसे कोई ज़्यादा तकलीफ़ दिए. ये वाकई हैरान करने वाली और दुर्लभ घटना है.

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