आदत है बदल डालो: ज्यादातर वर्किंग लोग हफ्तों तक नहीं बदलते बेडशीट, जानलेवा साबित होगी ये लापरवाही
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आदत है बदल डालो: ज्यादातर वर्किंग लोग हफ्तों तक नहीं बदलते बेडशीट, जानलेवा साबित होगी ये लापरवाही

Sleeping Habits: ऑफिस में दिनभर बिजी रहने के बाद हम बेहद थक जाते हैं, ऐसे में घर आने के बाद सीधे बिस्तर पर जाते हैं. ये सिलसिला ऐसे ही चलता रहता है और इस बात पर ध्यान ही नहीं जाता कि लास्ट टाइम बेडशीट कब बदली थी. 

आदत है बदल डालो: ज्यादातर वर्किंग लोग हफ्तों तक नहीं बदलते बेडशीट, जानलेवा साबित होगी ये लापरवाही

Aadat Hai Badal Dalo: आज हम 'आदत है बदल डालो' (Aadat Hai Badal Dalo) की इस सीरीज में एक ऐसी आदत के बारे में आपको बता रहे हैं, जो ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों में पाई जाती है. यह एक ऐसी आदत हैं, जो आपके लिए धीरे-धीरे गंभीर समस्या का रूप ले लेती है. ऐसे में इसे वक्त रहते बदलना ही आपके लिए फायदेमंद होगा. जानें ऐसी कौन सी आदत हैं...

ये बुरी आदत है हफ्तों या महीनों तक तक बेडशीट न बदलना. दरअसल, क्या है कि आजकल ज्यादातर लोग जॉब करते हैं. इसके चलते घर से दूर रहते हैं. कई बार हम फोन पर मम्मी के याद दिलाने, बेडशीट बहुत ज्यादा गंदी दिखने जो कि इतने दिन में वाकई हो चुकी होती है, तब उसे बदलते है. अगर यह आपकी आदत में शुमार है तो इसे बदल डालिए, क्योंकि इससे आपको नुकसान हो सकता है. 

गंदी बेडशीट से होने वाली परेशानियां

हफ्तों और महीनों तक बेडशीट चेंज न करने की इस आदत के चलते हम लोग कई बीमारियों को निमंत्रण देते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये लापरवाही आपकी हेल्थ के लिए सही नहीं है, क्योंकि बेड पर ज्यादा समय तक एक ही चादर बिछी रहने से सांस से जुड़ी समस्या, एलर्जी, अनिद्रा, गंभीर त्वचा रोग यहां तक कि सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज होने का भी खतरा बढ़ जाता है.

इसकी वजह यह है कि आपकी बेडशीट में जमी गंदगी को हम खुली आंखों से तो दे देख नहीं पाते. ऐसे में धूल-मिट्टी के कण, पसीने और डेड स्किन के कारण चादर में हार्मफुल बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं. 

इस वजह से बार-बार चादर बदलना है जरूरी 

आलस के चलते बेडशीट नहीं बदलना या फिर ये सोचना की चादर अभी साफ दिख रही गंदी होगी तब धो लेंगे, ये आप गलत सोचते हैं. सेविले यूनिवर्सिटी के बायोलॉजी डिपार्टमेंट ने माइक्रोस्कोप के तहत 4 हफ्ते पुरानी चादरें देखीं. सैंपल्स का टेस्ट किया. रिसर्च के मुताबिक निमोनिया, गोनोरिया और एपेंडिसाइटिस से जुड़े बैक्टीरिया एक हफ्ते के अंदर आपकी बेडशीट में पनपने लगते हैं.

इतना ही नहीं फ्लूसोबैक्टीरिया भी मिले, जो गले में इंफेक्शन फैलाते हैं. इससे लेमिएरर्स सिंड्रोम और निसेरियल्स हो सकता है. वहीं, हमारी इम्यूनिटी और बढ़िया आने वाली नींद पर भी गलत इफेक्ट पड़ता है. इसी कारण आपको बार-बार चादर बदलते रहना जरूरी है. 

आज ही बदल दें ये आदत

कामकाजी लोग जो घर से बाहर रहते हैं आज करेंगे, कल करेंगे करके इस काम को टालते रहते हैं और इसी चक्कर में कई हफ्ते बीत जाते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक सप्ताह में बेडशीट धुलनी चाहिए. अगर ये पॉसिबल न हो तो कम से कम दे हफ्ते में एक बाद चादर जरूर बदल लेनी चाहिए. 

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