Teacher's Day 2022: 5 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं Teacher's Day, भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन से जुड़ी है कहानी
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Teacher's Day 2022: 5 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं Teacher's Day, भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन से जुड़ी है कहानी

Teacher's Day 2022:  जहां एक तरफ यूनेस्को ने साल 1994 में 5 अक्टूबर को शिक्षक दिवस मनाने की घोषणा की थी.... तो वहीं, भारत में हर साल शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है.....

 

 

Teacher's Day 2022: 5 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं Teacher's Day, भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन से जुड़ी है कहानी

Teacher's Day 2022: भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन सभी शिक्षकों को विद्यार्थी (Students) उनके मार्गदर्शन और सीख के लिए धन्यवाद देते हैं. यह दिन शिक्षकों को सम्मान देने का दिन है.

इस तारीख के पीछे खास कारण है, इस दिन सन् 1888 को स्वतंत्र भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था. वे दूसरे राष्ट्रपति होने के अलावा पहले उपराष्ट्रपति,एक दार्शनिक,भारत रत्न प्राप्तकर्ता, प्रसिद्ध विद्वान, शिक्षाविद और हिन्दू विचारक, भारतीय संस्कृति के संवाहक थे.

5 सिंतबर को मनाया जाता है शिक्षक दिवस
भारत में हर साल 5 सितंबर को टीचर्स डे के रूप में मनाया जाता है. शिक्षक का किसी भी छात्र के जीवन में खास महत्व होता है. क्योंकि बच्चा अपने माता-पिता के बाद जिससे सबसे ज्यादा सीखता है, वह टीचर ही होता है. गुरु के बिना छात्र का जीवन अधूरा रहता है.  इस दिन स्कूलों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. बच्चे अपने टीचर को आदर सम्मान देते हैं. आइए जानते हैं इस खास दिन के बारे में..

ब्राहम्ण परिवार में हुआ था जन्म
देश के पहले उप-राष्‍ट्रपति डॉ राधाकृष्‍णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. वे बचपन से ही किताबें पढ़ने के शौकीन थे. राधाकृष्णन, स्वामी विवेकानंद से काफी प्रभावित थे. राधाकृष्णन का निधन चेन्नई में 17 अप्रैल 1975 को हुआ था. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन साल 1962 में देश के राष्ट्रपति बने थे. 

राजनीति में आने से पहले उन्होंने अपने जीवन के 40 साल अध्यापन को दिये. राधाकृष्णन का मानना था कि बिना शिक्षा के इंसान कभी भी मंजिल तक नहीं पहुंच सकता है इसलिए इंसान के जीवन में एक टीचर का होना बहुत जरूरी है.

क्यों मनाया जाता है?
आप ये नहीं जानते होंगे कि इसके पीछे एक रोचक कहानी है. एक बार छात्रों ने डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन से पूछा कि उनके जन्मदिन का आयोजन किया जाए? इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि अच्छी बात है कि आप लोग मेरा जन्मदिन मनाना चाहते हैं. लेकिन आप अगर इस दिन को अध्यापकों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान और समर्पण को सम्मानित करते हुए मनाएं, तो मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी. तब से उनकी जयंती यानी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा.

इन देशों में भी मनाया जाता है शिक्षक दिवस
भारत के अलावा अलग-अलग देशों में भी शिक्षक दिवस मनाया जाता है. इन देशों में चीन से लेकर, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, अल्बानिया, इंडोनेशिया, ईरान, मलयेशिया, ब्राजील और पाकिस्तान तक शामिल हैं. हालांकि हर देश में इस दिवस को मनाने की तारीख अलग-अलग है. 

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