आजम खान और अब्दुल्ला पर दर्ज कराए थे 66 मुकदमे, कौन हैं आंजनेय सिंह जिन्हें केंद्र सरकार ने दिया बड़ा तोहफा
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आजम खान और अब्दुल्ला पर दर्ज कराए थे 66 मुकदमे, कौन हैं आंजनेय सिंह जिन्हें केंद्र सरकार ने दिया बड़ा तोहफा

IAS Anjaneya Kumar:   2005 बैच के सिक्किम कैडर के अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को एक साल की सेवा विस्‍तार दी गई है. यूपी के मऊ जिले से ताल्‍लुक रखते हैं. 

आजम खान और अब्दुल्ला पर दर्ज कराए थे 66 मुकदमे, कौन हैं आंजनेय सिंह जिन्हें केंद्र सरकार ने दिया बड़ा तोहफा

IAS Anjaneya Kumar: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का रामपुर में किला ध्वस्त करने वाले आईएएस अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह की उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति के लिए केंद्र सरकार ने अपनी नीति में छूट देते हुए उनका कार्यकाल 1 साल और बढ़ा दिया है. अब 15 फरवरी 2024 तक वह यूपी में प्रतिनियुक्ति पर रहेंगे. वर्तमान में वह मुरादाबाद मंडल के कमिश्‍नर के पद पर तैनात हैं. 

कार्मिक विभाग ने दे दी मंजूरी 
आंजनेय कुमार सिंह 2005 बैच के सिक्किम कैडर के अधिकारी हैं. उनका कार्यकाल 16 फरवरी को समाप्त हो गया था. सूत्रों ने बताया कि आईएएस अधिकारी आंजनेय कुमार ने सरकार में सेवा विस्तार के लिए आवेदन किया था, जिसे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने शनिवार को मंजूर कर लिया. 

12वीं में आए अंक ने परिवार को शर्मिंदा किया था 
बता दें कि आईएएस आंजनेय कुमार सिंह का जन्म यूपी के मऊ जिले के सलाहाबाद गांव में हुआ था. उनके पिता मऊ के डीसीएस खंडेलवाल पीजी कॉलेज में शिक्षक थे. 12वीं में उनके 49 फीसदी अंक आए थे. इंटरमीडिएट में उनका सेकेंड डिवीजन पास होना पूरे परिवार के लिए काफी शर्मिंदगी भरा था. हालांकि आगे की पढ़ाई उन्होंने इलाहाबाद केंद्रीय विश्‍वविद्यालय से की. इसके बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से आगे की पढ़ाई की. 

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अंतिम बार में पास की IAS परीक्षा 

मॉस कम्युनिकेशन में पीजी करने के बाद कुछ समय तक उन्‍होंने पत्रकारिता भी की. हालांकि, कुछ दिनों बाद उन्‍होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू किया. वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी 25-26 साल की उम्र में शुरू की थी. उन्हें कई बार असफलता हाथ लगी. इसके बाद लास्‍ट अटेम्‍प में उन्‍होंने यूपीएससी क्रैक किया. 

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आजम के बेटे अब्‍दुल्‍ला की विधायकी भी गई 
आंजनेय कुमार की रिपोर्ट पर ही आजम खान के बेटे अब्दुल्ला की विधायकी चली गई. बता दें कि अब्‍दुल्‍ला 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत गया. इसके बाद अब्‍दुल्‍ला के उम्र को लेकर सवाल उठा. आरोप था कि अब्दुल्ला ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर अपनी उम्र 25 वर्ष बता कर नामांकन किया था. इसके बाद मामले की जांच चुनाव आयोग ने तत्कालीन रायपुर कलेक्टर आंजनेय कुमार सिंह से कराई. इनकी रिपोर्ट पर ही अब्‍दुल्‍ला पर कार्रवाई हुई है. 

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