PM मोदी को हराने के लिए इतनी बड़ी कुर्बानी देने को तैयार हैं अखिलेश
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PM मोदी को हराने के लिए इतनी बड़ी कुर्बानी देने को तैयार हैं अखिलेश

मार्च में हुए गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में बसपा ने सपा का सहयोग किया था. इसके अलावा राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में भी दोनों दल करीब आये.

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव.

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ 2019 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन जारी रखने का इशारा करते हुए कहा कि वे भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए कई भी कुर्बानी देने को तैयार है. सपा अध्यक्ष अखिलेश ने कहा, 'बसपा के साथ हमारा गठबंधन 2019 में जारी रहेगा, अगर हमें कुछ सीटें छोड़नी, तो भी हम इसके लिए तैयार हैं. हमारा मकसद भाजपा की हार सुनिश्चित करना है.'

  1. अखिलेश ने कहा, 2019 में बसपा से जारी रहेगा सपा गठबंधन.
  2. भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए अखिलेश कोई भी कुर्बानी देने को तैयार.
  3. गोरखपुर और फूलपुर लोस उपचुनाव बसपा ने सपा का सहयोग किया था.

अखिलेश ने रविवार (10 जून) को मैनपुरी में आयोजित एक जनसभा में कहा ‘‘समाजवादियों का दिल बड़ा है. अगर दो चार सीटें आगे पीछे करनी होंगी और त्याग करना होगा तो करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि अब भाजपा को चिंता है कि हम इस काम को कैसे करेंगे. हम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ इस काम को करेंगे, जो उनके (बसपा कार्यकर्ताओं) साथ खड़े रहेंगे और उन्हें सहयोग करेंगे.‘‘ ज्ञातव्य है कि प्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने 10 जून को दावा किया था कि सपा और बसपा की दोस्ती ज्यादा नहीं चलेगी और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही इसका अंत हो जाएगा.

मालूम हो कि मार्च में हुए गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में बसपा ने सपा का सहयोग किया था. इसके अलावा राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में भी दोनों दल करीब आये. कर्नाटक में मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में अखिलेश और बसपा प्रमुख मायावती पहली बार एक मंच पर नजर आये थे. हालांकि अगले लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को पेचीदा मसले के तौर पर देखा जा रहा है. खासकर उत्तर प्रदेश में, जहां कई राजनीतिक दल मजबूत स्थिति में हैं. 

सीटों के बंटवारे पर उचित समय पर होगा विचार
इससे पहले अखिलेश यादव ने बीते 5 जून को कहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिये सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच सीटों के बंटवारे पर फिलहाल कोई बात नहीं हुई है और इस बारे में ‘उचित समय‘ पर विचार-विमर्श किया जाएगा. अखिलेश का यह बयान उन खबरों के बीच आया, जिनमें कहा जा रहा था कि बसपा प्रदेश की 80 लोकसभा में से 40 सीटें अपने लिए मांग रही है.

समाजवादियों का दिल बहुत बड़ा है
सपा अध्यक्ष ने कहा कि सीटों के बंटवारे पर बातचीत के दौरान ही फैसला लिया जाएगा. हम उचित समय पर बात करेंगे. सीटों के बंटवारे के बारे में जो भी खबरें हैं, वे सिर्फ अखबारों में ही हैं, जमीन पर नहीं. उन्होंने कहा ‘‘सीटों के बंटवारे पर हमने अभी तक कोई बात नहीं की है. मगर हम समाजवादियों का दिल बहुत बड़ा है.‘‘

विपक्ष एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करेगी
अखिलेश ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में विपक्ष एकजुट होकर पूरी मजबूती से भाजपा का मुकाबला करेगा. भाजपा की विभाजनकारी राजनीति परास्त होगी, जैसे कि हाल के कैराना लोकसभा उपचुनाव में हुई. भाजपा ने जो आग कैराना में लगायी, उसे वहां के मतदाताओं ने उसके खिलाफ वोट डालकर बुझा दिया.

समय से पहले हो सकते हैं लोकसभा चुनाव
अगले लोकसभा चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि चुनाव समय से पहले होंगे. आम चुनाव कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ हो सकते हैं. अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सपा के रुख के बारे में पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि सपा मध्य प्रदेश में सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसके अलावा वह छत्तीसगढ़ और झारखण्ड में भी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है. 

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