रूस की लड़की ने एक समय छोड़ दी जीने की इच्छा, फिर पहुंची वृंदावन; अब वहीं बस गई
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रूस की लड़की ने एक समय छोड़ दी जीने की इच्छा, फिर पहुंची वृंदावन; अब वहीं बस गई

सोफिया रूस की रहने वाली हैं लेकिन उनका पहनावा और भाषा बिल्कुल भारतीय है. वो साड़ी पहनती हैं और हिंदी बोलती हैं. वो वृंदावन में बस गई हैं.

रूस की लड़की ने एक समय छोड़ दी जीने की इच्छा, फिर पहुंची वृंदावन; अब वहीं बस गई

Sofia loves India: कहते हैं कि कृष्ण की नगरी में रहना सौभाग्य की बात होती है. वहां जो रहते हैं वो सौभाग्यशाली होते हैं. ऐसे में ही रूस की एक महिला वृंदावन आईं और यहीं की होकर रह गईं. दरअसल रूस की सोफिया इंडियन क्लासिकल डांस की ट्रेनिंग लेने भारत आईं थी. लेकिन उन्हें भगवान कृ्ष्ण की नगरी में इतना अच्छा लगा कि अब वो यहीं रह रही हैं. सोफिया को भगवत गीता से बहुत लगाव है. सोफिया का तो कहना है कि वो आज भगवत गीता की वजह से ही जिंदा हैं. 

गीता से मिला जीवन जीने का सलीका

एक यूट्यूबर गौतम खट्टर को दिए इंटरव्यू को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करते हुए सोफिया ने बताया कि जब वह रूस में थी, तभी उन्होंने भगवत गीता पढ़ी थी. उसे पढ़ने के बाद सोफिया को लगा कि उन्हें जिंदगी से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल गए हैं. गीता को पढ़ने से पहले वे जिंदगी के कई सवालों की तलाश में थीं, लेकिन उन्हें कुछ हासिल नहीं हो रहा था.

विदेशी सोफिया का देशी ढंग!

वैसे तो सोफिया रूस की रहने वाली हैं लेकिन उनका पहनावा और बोली बिल्कुल भारतीय है. वो साड़ी पहनती हैं और हिंदी बोलती हैं. अपनी भाषा के बारे में सोफिया ने बताया कि भगवान की कृपा और मेहनत से उन्होंने अच्छी हिंदी सीखी. सोफिया ने बताया कि जब वृंदावन में डांस क्लास जॉइन की तो वहां सब हिंदी में बात करते थे. उन्हीं को देखते हुए सोफिया की भी हिंदी समय के साथ अच्छी होती चली गई.

एक समय जीना नहीं चाहती थीं सोफिया 

इंटरव्यू में सोफिया ने बताया कि जब उनकी उम्र 13-14 साल थी, तो उन्हें अपनी जिंदगी से प्यार नहीं था. वो जिंदा ही नहीं रहना चाहती थीं. उधेड़बुन में फंसी सोफिया ने इस बारे में अपने माता-पिता से बात की और उनसे पूछा 'मैं क्या करूंगी जीकर, जब आखिरकार मरना ही है.' तभी से सोफिया जीवन के उद्देश्य के सवालों को सुलझाने में लग गईं. फिर सोफिया ने भगवत गीता पढ़ी. इसके बाद उनका दिमाग को शांति मिली और उन्हें जो सवालों के जवाब ढूंढ रही थीं, वो मिल गए.

सोफिया ने बताया कि जब वे टीनएजर थीं तो उन्होंने भारतीय फिल्मों, भगवत गीता और ओडिसी डांस के बारे में जाना. धीरे-धीरे उनका झुकाव इंडियन क्लासिकल डांस की एक फॉर्म ओडिसी पर आ गया. सोफिया अपने माता-पिता से पूछकर साल 2014 में भारत आ गईं और उसके बाद उन्होंने वृंदावन के नृत्य स्कूल में एडमिशन लिया और फिर यहीं बस गईं. सोफिया अब आठ सालों से भारत में ही रह रही हैं. भारत में सोफिया का नया नाम सीमा लाधका देवीदासी है. वो आज शुद्ध साकाहारी खाने को भी प्रमोट करती हैं.

भारत से इतना प्यार क्यों? 

इस सवाल के जवाब में सोफिया ने बताया कि वृंदावन के एक मंदिर में वो नृत्य प्रस्तुति कर रही थीं. प्रस्तुति के बाद सोफिया को एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने पूरी मंदिर में ढूंढा और जब वे मिल गईं तो उन्होंने कहा कि वे मेरे पांव छूना चाहते हैं. सोफिया ने ऐसा करने का कारण पूछा तो बुजुर्ग ने कहा कि उन्हें मेरे अंदर राधा रानी दिखती हैं.

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