Khatu Shyamji Birthday: ग्यारस को क्यों मनाया जाता है बाबा श्याम का बर्थडे?
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Khatu Shyamji Birthday: ग्यारस को क्यों मनाया जाता है बाबा श्याम का बर्थडे?

Khatu Shyamji Birthday 2024: साल 2024 में बाबा श्याम को जन्मदिन 20 मार्च को मनाया जाएगा, जिसको लेकर मंदिर परिसर से लेकर खाटू नगरी में जोरों-शोरों से बाबा के जन्मउत्सव की तैयारियां चल रही हैं. 

Khatu Shyamji Birthday: ग्यारस को क्यों मनाया जाता है बाबा श्याम का बर्थडे?

Khatu Shyamji Birthday 2024: खाटू श्याम बाबा को जन्मदिन हर साल फाल्गुन मास की ग्यारस को बड़े-बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. बाबा के बर्थडे पर हर साल राजस्थान के सीकर में लक्खी मेला लगता है, जो लगभग 10 दिन तक आयोजित होता है. जानिए आखिर खाटू श्याम बाबा की बर्थडे ग्यारस को ही क्यों मनाया जाता है? 

खाटू श्याम बाबा के दर्शन करने के लिए रोजाना हजारों भक्त आते हैं. कहते हैं कि बाबा हर भक्त ही झोली बहुत सारी खुशियों से भर देते हैं और अपने भक्त को कभी भी हारने नहीं देते हैं इसलिए बाबा श्याम को 'हारे का सहारा' भी कहा जाता है. वहीं, साल 2024 में बाबा श्याम को जन्मदिन 20 मार्च को मनाया जाएगा, जिसको लेकर मंदिर परिसर से लेकर खाटू नगरी में जोरों-शोरों से बाबा के जन्मउत्सव की तैयारियां चल रही हैं. 

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हर साल बाबा श्याम का जन्मउत्सव फाल्गुन मास की ग्यारस की मनाया जाता है. इस दिन राजस्थान के सीकर में भक्तों की भारी भीड़ रहती है. श्याम के जन्मदिन पर बाबा के मंदिर और खाटू नगरी को फूलों से दुल्हन की तरह सजाया जाता है. इसके अलावा इस दिन आरती के वक्त बाबा का विशेष श्रंगार किया जाता है. इसके बाद केक काटकर बाबा का बर्थडे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. 

इस बार बाबा के जन्मउत्सव के चलते 'लक्खी मेला' का आयोजन 12 मार्च से 21 मार्च तक होगा. इसकी जानकारी श्री श्याम मंदिर कमेटी ने दी है. वहीं, बाबा का जन्मदिन 20 मार्च को मनाया जाएगा. लक्खी मेले में देश से लेकर विदेश से भी भक्त आने वाले हैं. कहा जाता है कि यदि कोई भक्त बाबा खाटू श्याम के जन्मदिन पर उनके दर्शन करता है, तो उसकी हर मनोकामना जल्द  पूरी हो जाती है. 

जानकारी के मुताबिक, श्याम बाबा का शीश राजस्थान के सीकर में दफना हुआ मिला था. वहीं, शीश मिलने के बाद उस जगह पर मंदिर बनाया गया और उसके बाद कार्तिक माह की एकादशी के दिन बाबा श्याम का शीश मंदिर में सुशोभित किया गया था. इस वजह से बाबा का जन्मदिन ग्यारस का मनाया जाता है. 

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