बस्सी नगरपालिका में नहीं कोई स्थाई सफाईकर्मी, 2 साल बाद भी नहीं संसाधन
topStories1rajasthan1461002

बस्सी नगरपालिका में नहीं कोई स्थाई सफाईकर्मी, 2 साल बाद भी नहीं संसाधन

Bassi News: बस्सी ग्राम पंचायत को 2020 में नगरपालिका बनाने की घोषणा कर दी थी, लेकिन नगरपालिका को अब तक कोई स्थाई सफाई कर्मचारी नहीं मिले हैं. 

बस्सी नगरपालिका में नहीं कोई स्थाई सफाईकर्मी, 2 साल बाद भी नहीं संसाधन

Bassi, Jaipur News: राज्य सरकार ने पिछले करीब दो वर्ष पहले 35 हजार की आबादी वाले बस्सी शहर को ग्राम पंचायत से नगरपालिका का दर्जा तो दिया, लेकिन इतने समय बाद भी आज भी नगरपालिका खाली हाथ ही है. ना ही अभी तक नगरपालिका को स्थाई सफाई कर्मचारी मिले और ना ही संसाधन. संसाधनों के नाम पर नगरपालिका के पास कचरा ढोने के लिए मात्र 3 हुपर है. दो वर्ष में बस्सी नगरपालिका में बोर्ड का चुनाव भी नहीं कराया है, यहां का कामकाज अधिशासी अधिकारी ही देख रहा है. यदि जन प्रतिनिधि चुने होते तो बस्सी शहर उन्नती के शिखर पर जाता, लेकिन सरकार भी चुनाव ही नहीं करा रही है. 

जानकारी के अनुसार, सरकार ने विधायक लक्ष्मण मीना के प्रयास से बस्सी ग्राम पंचायत को 2020 में नगरपालिका बनाने की घोषणा कर दी थी और 23 मार्च 2021 को बजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था और नगरपालिका का गठन हो गया था. इसके बाद से आज तक नगरपालिका को ना तो स्थाई सफाई कर्मचारी मिले हैं और ना ही हुपरों के अलावा कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीसी, अग्रीशमन यंत्र आदि कुछ नहीं मिला है. 

ठेके व नरेगा के हैं सफाईकर्मचारी 
35 हजार की आबादी वाली बस्सी नगरपालिका में सफाई की स्थिति बदत्तर है. यहां पर 70 सफाईकर्मचारी तो ठेकेदार के हैं और अब 30 कर्मचारी नरेगा योजना के हैं, लेकिन इनमें से एक भी सफाईकर्मचारी नगरपालिका का स्थाई नहीं है. यही कारण है कि शहर के हर गली मोहल्ले, सड़क, चौक, चौराहे पर गंदगी का सैलाब नजर आएगा. आज नाले व नालियों की स्थिति यह है कि यहां पर उनके कचरे के अंबार लगे हुए हैं, जहां देखो वहां पर नाले और नालियों में गंदगी मची रहती है. सड़कों पर नालियां नहीं होने से गंदा पानी बीच सड़क पर फैला रहता है. 

पहले भी रह चुकी बस्सी नगरपालिका
बस्सी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन सुधीर मोहन बताते हैं कि बस्सी शहर को पहले भी नगरपालिका का दर्जा मिल चुका है, लेकिन फिर से इसको ग्राम पंचायत का दर्जा दे दिया था. वे बताते हैं कि 1978 में बस्सी शहर को नगरपालिका बनाया था, जो 1992 तक अस्तित्व में थी, लेकिन भाजपा सरकार ने फिर से बस्सी शहर को नगरपालिका से ग्राम पंचायत बना दिया. उस वक्त भी संसाधनों का अभाव था. 

संसाधनों के लिए अवगत करा रखा है 
अधिशासी अधिकारी नगरपालिका बस्सी, नवरत्न शर्मा ने कहा कि नगरपालिका में एक भी स्थाई सफाईकर्मचारी नहीं है. संसाधन के नाम पर मात्र 3 हुपर है. दो अग्नीशमन यंत्रों की भी मांग कर रखी है. 

Reporter- Amit Yadav

Trending news