Ajmer: डीजीपी उमेश मिश्रा ने बच्चियों को स्पीक अप ऐप की दी जानकारी, कही ये बड़ी बात
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Ajmer: डीजीपी उमेश मिश्रा ने बच्चियों को स्पीक अप ऐप की दी जानकारी, कही ये बड़ी बात

डीजीपी उमेश मिश्रा ने बच्चों को अपने साथ होने वाले गुड टच बैड टच की जानकारी दी और उन्हें बताया गया कि वह अपनी सभी समस्याओं को आराम से इस स्पीक अप ऐप के माध्यम से बता सकती हैं. 

Ajmer: डीजीपी उमेश मिश्रा ने बच्चियों को स्पीक अप ऐप की दी जानकारी, कही ये बड़ी बात

Ajmer: डीजीपी उमेश मिश्रा ने बच्चियों को स्पीक अप ऐप की जानकारी देते हुए उन्हें अपने ऊपर होने वाले अत्याचार और छोटी बड़ी घटनाओं को लेकर खुलकर सामने आने की अपील की है जिससे कि लोगों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. इसे लेकर आज होने कई जानकारियां साझा की है.

डीजीपी उमेश मिश्रा आज 1 दिन से दौरे पर अजमेर पहुंचे. इस दौरान अजमेर पुलिस की ओर से उनका स्वागत भी किया गया. साथ ही पुलिस विभाग की ओर से चलाए जा रहे इस स्पीकअप आवाज दो अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में मिश्रा ने शिरकत की. इस मौके पर अजमेर एसपी चुनाराम जाट के साथ ही जिले के एडिशनल एसपी और पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे. 

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड स्थित राजीव गांधी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्कूली बच्चों को शामिल किया गया. जिससे कि उन्हें स्पीक अप आवाज दो अभियान की जानकारी देने के साथ ही जागरूक किया जा सके. इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करने के साथ ही बैनर पोस्टर के माध्यम से भी बच्चों को जागरूक किया गया.

इस मौके पर डीजीपी उमेश मिश्रा ने बच्चों को अपने साथ होने वाले गुड टच बैड टच की जानकारी दी और उन्हें बताया गया कि वह अपनी सभी समस्याओं को आराम से इस स्पीक अप ऐप के माध्यम से बता सकती हैं. उन्होंने कहा कि लगातार माहौल बदल रहा है ऐसे में सभी को जागरूक होने की आवश्यकता है. बच्चे और महिलाएं अपने साथ होने वाली घटनाओं को लेकर खुलकर सामने नहीं आती ऐसे में पुलिस की ओर से लगातार अलग-अलग अभियान चलाकर जनता से जुड़ने का प्रयास किया जाता रहा है और इसी के तहत स्पीकर अभियान भी शुरू किया गया है.

जहां बच्चियां और महिलाएं अपनी सभी जानकारी साझा कर सकती है. जिससे कि आपराधिक तत्वों के साथ ही मनचलों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके वहीं उन्होंने जिला पुलिस को भी अपील करते हुए निर्देश दिए कि वह ऐसी छोटी-बड़ी घटनाओं पर तुरंत अंकुश लगाएं और ऐसे लोगों को तुरंत सजा मिले.

इसे लेकर कार्रवाई की जानी चाहिए. जिससे कि बच्चों की सुरक्षा और उनका सशक्तिकरण किया जा सके वहीं उन्होंने माना कि ऐसे अभियान का गलत लोग भी इस्तेमाल करते हैं और कई झूठे मुकदमे भी सामने आते हैं जिन्हें लेकर कानून में भी परिवर्तन करने की आवश्यकता है. जिससे कि बालिकाओं और महिलाओं को सशक्त करने के लिए चलाए जाने वाले अभियान का सही इस्तेमाल हो सके.

Reporter-Ashok Singh Bhati

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