Balram App: किसानों के लिए वरदान है 'बलराम ऐप'! कृषि से जुड़ी हर समस्या का होगा समाधान, विशेषज्ञों से होगी सीधे बातचीत
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Balram App: किसानों के लिए वरदान है 'बलराम ऐप'! कृषि से जुड़ी हर समस्या का होगा समाधान, विशेषज्ञों से होगी सीधे बातचीत

MP Goverment Balram App: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए बलराम एप्लिकेशन लॉन्च किया है. ताकि वे डिजिटल खेती से जुड़ सकें. इस ऐप के जरिए किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कृषि विशेषज्ञों से सलाह मिलेगी.

MP Goverment Balram App

MP Goverment Balram App: आप तो यह बात बहुत अच्छी तरह समझते हैं कि हमारे देश की जितनी भी सरकारें हैं उनकी कोशिश रहती है कि हमारे देश के जो किसान हैं उनकी मदद किए जाए. जिससे वह अच्छी तरह से अपनी फसलें उगा सकें. मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां पर भी सरकार लगातार किसानों को सशक्त बनाने के लिए कोशिश कर रही है. इसी क्रम में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.  राज्य सरकार ने बलराम ऐप लॉन्च किया है. जिससे किसान दोतरफा संवाद कर पाएंगे. मिली की जानकारी के अनुसार राज्य में बलराम एप्लीकेशन के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जबलपुर के जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को मिली है. जबकि बलराम एप्लिकेशन को शिवराज सरकार ने इंडो जर्मन टेक्नोलॉजी के कंबाइन प्रोजेक्ट के तहत लॉन्च किया है.

ऐप किसानों की कई समस्याओं का कर देगा समाधान
जानकारों की मानें तो बलराम एप्लिकेशन किसानों की कई समस्याओं का समाधान कर देगा. इससे उन्हें कृषि से जुड़ी कई जानकारियां मिलेंगी. जिसमें मिट्टी की सेहत को दुरुस्त रखने और अन्य चीजों की जानकारी देने के लिए राज्य सरकार द्वारा इस ऐप को विकसित और लॉन्च किया गया है. 

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10 जिलों में बलराम ऐप किया गया है लांच
मिली जानकारी के अनुसार सरकार की कोशिश पहले चरण में राज्य के 25 हजार किसानों को बलराम एप्लिकेशन से जोड़ने की है. बता दें कि खरीफ सीजन के लिए सरकार द्वारा बलराम ऐप को 10 जिलों में लांच किया गया है. जिसमें जबलपुर, बालाघाट, मंडला, कटनी, छतरपुर, दमोह सागर, शहडोल, सिंगरौली और रीवा शामिल हैं.

 

बलराम ऐप के फीचर्स
सरकार के मुताबिक, बलराम ऐप किसानों के लिए वरदान साबित होगा. इससे किसानों को उनके फोन पर कृषि से जुड़ी एडवायजरी मिल जाएगी. किसानों को कृषि से जुड़ी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और इस ऐप के जरिए वे सीधे कृषि विशेषज्ञों से भी संपर्क कर सकते हैं. ऐसा करने से वो अपनी समस्या का समाधान पा सकेंगे. खास बात यह है कि सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए इस एप्लीकेशन में दो भाषाओं अंग्रेजी और हिंदी की सुविधा दी है.

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