छत्तीसगढ़ के धन कुबेरों पर ED की रेड, म्यांमार-बांग्लादेश-कोलकाता के रास्ते सोना-चांदी तस्करी का बड़ा खुलासा
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छत्तीसगढ़ के धन कुबेरों पर ED की रेड, म्यांमार-बांग्लादेश-कोलकाता के रास्ते सोना-चांदी तस्करी का बड़ा खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) ने म्यांमार से बांग्लादेश-कोलकाता के रास्ते छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबार में सोना-चांदी की तस्करी के बड़े खेल का खुलासा किया है. बुधवार को रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव में पड़े छापों में कई सराफा कारोबारी धन कुबेर सामने आए हैं.

छत्तीसगढ़ के धन कुबेरों पर ED की रेड, म्यांमार-बांग्लादेश-कोलकाता के रास्ते सोना-चांदी तस्करी का बड़ा खुलासा

रायपुर: बुधावार को प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) एक अभियान के तहत तलाशी के बाद छत्तीसगढ़ और झारखंड के धन कुबेर कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के पास से 16 किलो 655.63 ग्राम सोना, 671.77 किलोग्राम चांदी और एक करोड़ 41 लाख रुपए नगदी जब्त किया है. बताया जा रहा है म्यांमार से बांग्लादेश-कोलकाता के रास्ते छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबार में सोना-चांदी की तस्करी हो रही थी. इसकी सूचना पर कार्रवाई की गई. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

ED ने दी जब्ती की जानकारी
पिछले सप्ताह 5, 6 और 7 अगस्त को छत्तीसगढ़ और झारखंड में ईडी ने सराफा कारोबारियों के 22 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था. तलाशी अभियान तस्करी के एक रूट का पीछा करते हुए चला था. बुधवार देर शाम एजेंसी ने कार्रवाई का छोटा सा विवरण जारी किया है. इसमें पहले चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान हुई जब्ती की जानकारी दी गई है.

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रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव में पड़े थे छापे
अभी छत्तीसगढ़ और झारखंड के सराफा कारोबारियों और उनसे जुड़े कुछ लोगों की जांच चल रही है. बता दें पिछले सप्ताह ED ने तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ के कई शहरों में अभियान चलाया था. छत्तीसगढ़ में ईडी की कार्रवाई रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव में कुछ व्यापारियों के यहां की गई थी. रायपुर के पंडरी, सराफा बाजार, हलवाई लाइन, सिविल लाइंस स्थित कई समूहों से जुड़े घर और प्रतिष्ठान शामिल हैं.

पिछले छापों से मिला इनपुट
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय को पिछले छापों के बाद इनपुट मिला था कि सराफा कारोबारी म्यांमार से सोना-चांदी की तस्करी कर रहे हैं. इसके लिए हवाला का एक पूरा नेटवर्क बना हुआ है, जो म्यांमार से सोना-चांदी पहले बांग्लादेश उसके बाद कलकत्ता लाता था. यहां से माल को झारखंड और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों में खपाने के लिए भेज दिया जाता था. संभावना है कि इस मामले में जल्दी ही गिरफ्तारी भी होगी.

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