Amit Shah: 'CAA को लागू करने से कोई रोक नहीं सकता', ममता के गढ़ में गरजे अमित शाह
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Amit Shah: 'CAA को लागू करने से कोई रोक नहीं सकता', ममता के गढ़ में गरजे अमित शाह

Amit Shah speech on Lok Sabha Elections 2023: देश की बाकी पार्टियां अभी 5 राज्यों के असेंबली चुनावों के नतीजों को लेकर ही उलझी हैं, वहीं बीजेपी ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए अपना मास्टरप्लान भी बना लिया है. 

Amit Shah: 'CAA को लागू करने से कोई रोक नहीं सकता', ममता के गढ़ में गरजे अमित शाह

Amit Shah Speech on CAA and Mamata Banerjee in Kolkata Rally: देश में अगले साल होने वाले संसदीय चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने पत्ते सेट करने शुरू कर दिए हैं. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की वापसी के साथ ही बीजेपी ने अब सीएए पर भी बड़ा दांव खेलने का फैसला कर लिया है. कोलकाता में बुधवार को पार्टी के लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीएम ममता बनर्जी पर खूब गरजे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार संशोधित नागरिकता कानून (CAA) लागू करेगी और कोई इसे नहीं रोक सकता.

'ममता बनर्जी ने राज्य को बर्बाद किया'

उन्होंने कहा कि जनता 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में बीजेपी की सरकार बनाने की नींव रखने के लिए 2024 में नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में चुनेगी. अमित शाह ने तुष्टीकरण, घुसपैठ, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला. शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने राज्य को ‘बर्बाद’ कर दिया है.

शाह ने कहा कि घुसपैठ को समर्थन देने के कारण ममता बनर्जी सीएए का विरोध कर रही हैं. भाजपा नेता ने कहा कि इतनी अधिक घुसपैठ वाले राज्य में विकास नहीं हो सकता. उन्होंने लोगों से राज्य सरकार को उखाड़ फेंकने तथा अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा को चुनने का आग्रह किया. गृह मंत्री ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में राज्य में भाजपा का प्रदर्शन विधानसभा चुनावों में उसकी जीत की नींव तैयार करेगा.

'भाजपा शून्य से 77 सीटों पर पहुंच गई'

शाह ने लोगों से कहा, '2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को इतनी सीटें दीजिए कि मोदी जी कहें कि मैं बंगाल के कारण प्रधानमंत्री बना हूं.' उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस ने पिछला विधानसभा चुनाव ‘गड़बड़ी’ करके जीता था, लेकिन भाजपा शून्य से 77 सीटों पर पहुंच गई. उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के एजेंडे के अनुकूल सरकार चुनकर तृणमूल के कथित कुशासन को खत्म करने का आह्वान किया.

शाह ने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार की ओर से भेजी गई बड़ी रकम तृणमूल कांग्रेस द्वारा संचालित सिंडिकेट के कारण राज्य के गरीबों तक नहीं पहुंच रही है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि विभिन्न योजनाओं के तहत मौजूदा शासनकाल में राज्य को केंद्र से मिली राशि कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार की तुलना में कई गुना बढ़ गई है, जबकि ममता बनर्जी यूपीए में शामिल थीं.

'CAA को कोई रोक नहीं सकता'

रैली में उमड़ी भीड़ पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि यह लोगों के मन को दर्शाती है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2026 में दो-तिहाई बहुमत के साथ राज्य की सत्ता में आएगी. उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में राज्य में भाजपा का प्रदर्शन विधानसभा चुनावों में उसकी जीत की नींव तैयार करेगा. विवादास्पद सीएए का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि ममता बनर्जी इसका विरोध कर रही हैं, लेकिन कोई भी इसे लागू होने से नहीं रोक सकता. 

बता दें कि सीएए कानून अभी अधर में है क्योंकि विपक्ष के कड़े रुख की वजह से केंद्र सरकार ने अब तक इसके नियम नहीं बनाए हैं. संसद ने इस कानून को 2019 में मंजूरी दी थी. शाह ने कानून के लक्षित लाभार्थियों के संदर्भ में कहा, उन्हें भी किसी अन्य की तरह नागरिकता का अधिकार है.

शाह ने कहा कि ममता बनर्जी ने घुसपैठ के मुद्दे पर एक बार संसद को ठप्प कर दिया था, लेकिन अब वह चुप हैं. उन्होंने दावा किया कि असम में भाजपा के सत्ता में आने के बाद कोई भी वहां घुसपैठ नहीं कर सकता. 

'असम ने सफलता से रोक दी घुसपैठ' 

उन्होंने कहा, ‘असम ने घुसपैठ रोकने की दिशा में सराहनीय काम किया है. लेकिन पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार की वोट बैंक की राजनीति के कारण घुसपैठ जारी है. ममता बनर्जी सीएए का विरोध कर रही हैं, लेकिन मैं साफ कह दूं कि सीएए देश में लागू किया जाएगा. कोई भी सीएए को लागू होने से नहीं रोक सकता.’

बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निलंबन को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि वह अधिकारी को चुप कराने की कोशिश कर सकती हैं लेकिन राज्य के लोगों को वह चुप नहीं करा सकतीं. उन्होंने कई बार ममता बनर्जी को 'दीदी' के रूप में संबोधित किया और कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री पद पर उनकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है.

'बंगाल के लोग कटमनी से परेशान'

शाह ने ममता बनर्जी को भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार अपने कुछ नेताओं को पार्टी से निलंबित करने की चुनौती दी . उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसा नहीं कर सकतीं क्योंकि उन्हें आशंका है कि वे लोग उनके भतीजे को फंसा सकते हैं. वह जाहिरा तौर पर सांसद अभिषेक बनर्जी का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने कहा, 'बंगाल के लोग तृणमूल के कट-मनी और सिंडिकेट से परेशान हो गए हैं.'

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में भाजपा के 212 कार्यकर्ता मारे गए हैं और लोग 2026 के विधानसभा चुनाव में अपने मतों से इन हत्याओं का बदला लेंगे. शाह ने राज्य में राजनीतिक हिंसा, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण का हवाला देते हुए आरोप लगाया, बनर्जी ने पश्चिम बंगाल को बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य का विकास मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता है लेकिन यह तभी हो सकता है जब प्रधानमंत्री के एजेंडे के अनुकूल सरकार हो.

शाह ने लोगों से लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए बड़ी जीत सुनिश्चित करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भाजपा पश्चिम बंगाल में अगली सरकार बनाए. इसे हासिल करने के लिए, हमें अगले संसदीय चुनाव में राज्य से अधिकतम लोकसभा सीटें जीतनी होंगी." 

वर्ष 2019 में 42 में से 18 सीटें जीतीं

केंद्रीय मंत्री राज्य में पार्टी के लोकसभा अभियान के लिए माहौल तैयार करने के इरादे से ऐतिहासिक एस्प्लेनेड में रैली को संबोधित कर रहे थे. शाह ने 2014 में इसी स्थान से तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष के रूप में राज्य में 2016 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत की थी. इस बार, राज्य पुलिस ने उनकी रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, लेकिन भाजपा ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसने प्रशासन के तर्क को खारिज कर दिया और सार्वजनिक सभा की अनुमति दी.

पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 42 सीटों में से 18 पर जीत हासिल की थी, जो अब तक सर्वाधिक संख्या है. इस रैली में शाह के साथ राज्य के केंद्रीय मंत्री और अन्य नेता भी शामिल हुए. 

(एजेंसी भाषा)

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