UP: मानसून सत्र से पहले CM योगी का अखिलेश यादव पर निशाना, बोले- सपा से नियम पालन की आशा महज कपोल-कल्पना
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UP: मानसून सत्र से पहले CM योगी का अखिलेश यादव पर निशाना, बोले- सपा से नियम पालन की आशा महज कपोल-कल्पना

UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधा और कहा कि सपा से नियमों के पालन की आशा करना महज एक कपोल-कल्पना है.

UP: मानसून सत्र से पहले CM योगी का अखिलेश यादव पर निशाना, बोले- सपा से नियम पालन की आशा महज कपोल-कल्पना

CM Yogi attack on Akhilesh Yadav: यूपी विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने मीडिया को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधा और कहा कि राज्य में अराजकता की जगह नहीं है. सरकार जनहित के लिए काम कर रही है. बता दें कि यूपी विधानसभा का मानसून सत्र (UP Assembly Monsoon Session) आज (सोमवार) से शुरू हो रहा है और 23 सितंबर तक चलेगा.

सपा से नियम पालन की आशा महज कपोल-कल्पना: सीएम योगी

इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और समाजवादी पार्टी (SP) पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी से नियमों के पालन की आशा या उम्मीद करना महज एक कपोल-कल्पना है.

डबल इंजन सरकार बिना भेदभाव कर रही काम: सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा, 'आज उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र प्रारंभ हो रहा है. उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की आकांक्षा और अपेक्षा को सदन में रखकर उन समस्याओं के माध्यम से आमजन की संवेदना के साथ अपनी संवेदना को जोड़ने का एक अवसर सभी सदस्यों को प्राप्त होगा.'

उन्होंने आगे कहा, '25 करोड़ लोगों के हितों के लिए डबल इंजन की सरकार बिना भेदभाव के कार्य कर रही है. डबल इंजन की सरकार समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को शासन की योजानाओं का लाभ पहुंचा रही है. विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए भी यहां अभाव और अराजकता के लिए जगह नहीं है.'

लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने बुराई नहीं: सीएम योगी

अखिलेश यादव के पैदल मार्च पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा, 'किसी भी दल और व्यक्ति को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में कहीं कोई बुराई नहीं है. अगर उन्होंने (समाजवादी पार्टी) अनुमति मांगी होगी तो जो भी सरल मार्ग होगा प्रशासन ने उनको उपलब्ध कराया होगा.'

उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि समाजवादी पार्टी से यह उम्मीद करना कि वह किसी नियम या किसी शिष्टाचार को माने, यह केवल एक कपोल कल्पना ही कही जा सकती है.'

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