Western Railway : CBI ने पश्चिम रेलवे मामले में 12 ठिकानों पर की छापेमारी, जुटाये डिजिटल एविडेंस
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Western Railway : CBI ने पश्चिम रेलवे मामले में 12 ठिकानों पर की छापेमारी, जुटाये डिजिटल एविडेंस

CBI ने पश्चिम रेलवे के जनवरी 2021 के पेपर लीक मामले में 12 ठिकानों पर छापेमारी की है. ये छापेमारी मुंबई, सुरत, अमरेली, नवसारी और बक्सर इलाकों में की गयी थी. 

 

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Western Railway : CBI ने पश्चिम रेलवे के जनवरी 2021 के पेपर लीक मामले में 12 ठिकानों पर छापेमारी की है. ये छापेमारी मुंबई, सुरत, अमरेली, नवसारी और बक्सर इलाकों में की गयी थी. सीबीआई ने रेलवे के पेपर लीक होने की करीब दो साल बाद 30 जनवरी 2023 को मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी. ये मामला रेलवे के SDGM नरेश लालवानी की शिकायत पर 15 आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया था. सीबीआई ने इस छापेमारी में आरोपियों के ठिकानों से डिजिटल एविडेंस और सबूत जुटाये है.

 

3 जनवरी 2021 को पश्चिम रेलवे की तरफ से Non-Technical Popular Category  (NTPC) यानी जुनियर कर्लक, ट्रेन कर्लक, टायपिस्ट की परिक्षा ली गयी थी जो General Department Competitive Examinations (GDCE) के तहत 6 शहरों( अहमदाबाद(6), इंदौर(6), राजकोट(5), सुरत(3), वडोदरा(4) और मुंबई(4) के 28 सेंटर पर ली गयी थी. इसमें 8603 कैडिंडेट ने परिक्षा दी थी. इस परिक्षा को करवाने की जिम्मेवारी Aptech Limited  को दी गयी थी.  

आरोप है कि परिक्षा में बैठने वाले कुछ लोगों के पास पहले से ही पेपर और उनके हल थे जो उन्होनें पैसे दे कर लिये थे. इतना ही नहीं पेपर होने के कुछ दिनों बाद रिजस्ट निकलने से पहले ही इन लोगों के पास Whatsapp के जरिये पेपर का नतीजा भी पहुंच चुका था, जबकि वो रेलवे की तरफ से जारी नहीं किया गया था.

 
इस मामले के सामने आने के बाद रेलवे ने अपनी तरफ से एक जांच बैठायी जिसमें परीक्षा में शामिल होने वाले लोगों से पूछताछ की गयी. कई लोगों ने बताया कि उनके पास पेपर से एक दिन पहले ही पेपर और उसके हल Whatsapp के जरिये उन तक पहुंच चुके थे. इस अलावा कुछ लोगों को सुरत के होटल में एक साथ पेपर और उनके हल दिखाये गये थे. रेलवे को अपनी जांच में पता चला कि रेलवे में ही काम करने वाले कुछ लोग इस पेपर लीक में शामिल है जिसमें सीआरपीएफ का जवान भी है और इसके अलावा पेपर करवाने का जिम्मा जिस कंप्यूटर एजेंसी Aptech के पास था, उसकी मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता. इसी के बाद रेलवे ने सितंबर 2021 में इस मामले की शिकायत सीबीआई को की जिसके बाद 30 दिसंबर 2023 को सीबीआई ने अखिलेश कुमार, अनिल कुमार(CRPF), गणेश कुमार सिंह, अजीत कुमार, बंटी, अजय, जय प्रकाश, शिवशंकर कुमार, रूपेश कुमार, अभय प्रियदर्शी, उमेश कुमार, गुड्डु सरोज, आलोक कुमार, शाहिद राजा सिद्दकी और पेपर करवाने वाली कंपनी Aptech के अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

 

 

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