रांची में घने कोहरे का हवाई यात्रा पर असर, कैसे निपेटगा विभाग?
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रांची में घने कोहरे का हवाई यात्रा पर असर, कैसे निपेटगा विभाग?

राजधानी रांची सहित राज्यभर में सर्दी का सितम जारी है. मौसम में आई तब्दीली की वजह से सुबह में राज्य कोहरे की चादर ओढ़े नजर आ रहा है. घने कोहरे की वजह से हवाई यात्रा भी प्रभावित हो रही है.

(फाइल फोटो)

रांची : राजधानी रांची सहित राज्यभर में सर्दी का सितम जारी है. मौसम में आई तब्दीली की वजह से सुबह में राज्य कोहरे की चादर ओढ़े नजर आ रहा है. घने कोहरे की वजह से हवाई यात्रा भी प्रभावित हो रही है. जिससे हवाई यात्रियों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

ठंड के दिनों की अभी शुरुआत हुई है और अगर शुरुआत से ही इस तरीके की परेशानी हो रही है तो फिर आगे क्या होगा? आखिर लो विजिबिलिटी से निपटने के लिए बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कैसी व्यवस्था होगी. 

कोहरे की वजह से फ्लाइट्स की री-शेड्यूलिंग यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. यात्रियों का कहना है कि वक्त बचाने के लिए ही ज्यादा पैसे खर्च कर फ्लाइट की टिकट ली जाती है और ऐसे में अगर फ्लाइट री-शेड्यूल हो जाए या फिर डाइवर्ट हो जाये तो काफी ज्यादा परेशानी होती है. 

वहीं कोहरे के बावजूद फ्लाइट में तब्दीली ना हो इसे लेकर रांची एयरपोर्ट ने कवायद शुरू कर दी है. जिसके तहत इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लगाए गए हैं जो पूरी तरीके से फंक्शनिंग होते ही लो विजिबिलिटी की वजह से होने वाली परेशानी से निजात दिला सकेगी. मामले की जानकारी देते हुए एयरपोर्ट के डायरेक्टर के एल अग्रवाल ने बताया कि फ्लाइट की लैंडिंग के लिए 23 सौ मीटर की विजिबिलिटी चाहिए लेकिन अगर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लगा दिया जाए तो फिर 13 सौ मीटर की विजिबिलिटी के बाद भी आराम से लैंडिंग हो सकती है. वहीं 10 दिनों के अंदर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम भी यहां फंक्शनिंग हो जाएगा. 

बहरहाल बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की यह कवायद यकीनन यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगी. लेकिन देखना है कि आखिर यह तकनीक कब से काम करना शुरू करेगी. 
(Report- KAMRAN JALILI)

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