पुल हादसे पर बरसे कुशवाहा, विपक्षी एकता को लेकर बोले नीतीश का नेतृत्व कोई नहीं करेगा स्वीकार
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पुल हादसे पर बरसे कुशवाहा, विपक्षी एकता को लेकर बोले नीतीश का नेतृत्व कोई नहीं करेगा स्वीकार

बिहार के भागलपुर में सुलतानगंज-अगुवानी गंगा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन फोरलेन पुल हादसे के बाद से एक बार फिर से प्रदेश की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है.

(फाइल फोटो)

पटना: बिहार के भागलपुर में सुलतानगंज-अगुवानी गंगा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन फोरलेन पुल हादसे के बाद से एक बार फिर से प्रदेश की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है. आपको बता दें कि इसको लेकर पहले नीतीश के बेहद करीबी रहे और अब उनसे अलग होने के बाद उनके खिलाफ मोर्चा खोल चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री और RLJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में बहुत ही दुःखद स्थिति है. ठीक 1 साल पहले भी यह पुल गिरा था और तब सरकार की तरफ से बयान आया था कि IIT रुड़की की टीम इसकी जांच करेगी. उसमें क्या जांच हुई नहीं हुई किसी को पता नहीं चला, हालांकि पुल हादसे के बाद यह बात सामने आ रही है तो उसके डिजाइन में फॉल्ट है. सरकार को इन सारी चीजों की जानकारी थी. जब JDU के ही विधायक ने इस पुल के निर्माण को लेकर विधानसभा में सवाल किया था तो उसके जवाब में संबंधित मंत्री ने कहा था कि जो मामला है उसको दिखवाएंगे और गड़बड़ी है उसको ठीक करेंगे. फिर भी इस पुल पर निर्माण का काम कैसे जारी रहा. 

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि एक साल पीछे भी इस पुल का एक हिस्सा गिरा था तो फिर उस पर काम क्यों जारी रहा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान अपने आप में आश्चर्य पैदा करनेवाला है. सरकार के पास इस पूरे हादसे को लेकर जवाब तक नहीं है. मुख्यमंत्री ने मान लिया है कि जिसको जैसे करना है करे, लूटना है लूट ले. ऐसे में इस हादसे में पूरी लापरवाही सरकार की है और ऊपर से नीचे तक पूरा भ्रष्टाचार भरा पड़ा है. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा ऐसे में बेहतर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुर्सी छोड़ दें. 

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उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार खुद ही कहते हैं कि उनको काम में मन नहीं लग रहा है. यह सच भी है. आप सोचिए की किस राज्य का मुख्यमंत्री ऐसा बोलता है कि काम में मन नहीं लग रहा है. नीतीश कुमार कभी इस राज्य में तो कभी उस राज्य में भी घूमे रहे हैं ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुद ही पद छोड़ देना चाहिए.   

नीतीश कुमार को बिहार की जनता ने सत्ता के शिखर पर बैठाया है अब बिहार बर्बाद हो रहा है लेकिन वह इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं. नीतीश कुमार को काम में मन नहीं लग रहा है तो खुद ही पद को छोड़ दें. 2025 तक बिहार ऐसा चलेगा इस से अच्छा है कि खुद ही छोड़ने का निर्णय ले लें, वह इस पद को छोड़कर देश की राजनीति करें तो अच्छा रहेगा. 

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पुल हादसे पहले जो घटना हुई थी उस दिन से लीपापोती दिख रही है. जिस दिन पहली बार पुल गिरा सरकार ने स्वीकार किया की डिजाइन में फॉल्ट है और इसकी जानकारी मिलने के बाद भी काम होता रहा है, पैसे खर्च होते रहे. हाउस में जवाब दिया गया कि काम पूरा होने वाला है पैसे को पूरी तरह से पानी में बहाया गया. पूरा का पूरा भ्रष्टाचार पुल के निर्माण में है. काम आगे इसलिए जारी रखा गया कि और भ्रष्टाचार किया जा सके. 

विपक्षी एकता को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा की नीतीश कुमार का नेतृत्व कोई बड़ी पार्टी स्वीकार नहीं करेगी.नीतीश कुमार का जनाधार समाप्त हो गया है और उनके कंट्रोल में उनकी पार्टी नहीं है. नीतीश कुमार का नेतृत्व स्वीकार करना किसी भी पार्टी के लिए संभव नहीं है. कांग्रेस के लोग सब समझ रहे हैं और अपने हिसाब से ही कांग्रेस के लोग राजनीति करेंगे.

(रिपोर्ट- रुपेंद्र श्रीवास्तव)

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