डीजीपी एसके सिंघल को चीफ जस्टिस बनकर किया था फोन, पुलिस ने जालसाज अभिषेक को किया अरेस्ट
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डीजीपी एसके सिंघल को चीफ जस्टिस बनकर किया था फोन, पुलिस ने जालसाज अभिषेक को किया अरेस्ट

अभिषेक अग्रवाल ने फर्जी सिम के जरिए डीजीपी को चीफ जस्टिस का नाम पर कई कॉल किए और मनमाफिक पोस्टिंग की भी बात की, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब अभिषेक अग्रवाल ने इस तरह से शातिराना काम किया है.

डीजीपी एसके सिंघल को चीफ जस्टिस बनकर किया था फोन, पुलिस ने जालसाज अभिषेक को किया अरेस्ट

पटनाः सूबे में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अपराधी अब पुलिस के मुखिया यानी डीजीपी को भी हहड़काने से बाज नहीं आ रहे हैं. ताजा मामला राजधानी पटना का है जहां पर EOU ने एक हाई प्रोफाइल ठग अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया है. अभिषेक अग्रवाल पर आरोप है कि उसने चीफ जस्टिस बनकर डीजीपी एसके सिंघल को तकरीबन 50 बार कॉल किया. कॉल करते अभिषेक गया के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार की पैरवी कर रहा था. उसने डीजीपी को जज बनकर फोन किया था. पुलिस महानिदेशक को ये बात हजम नहीं हुई और उन्होंने मामले की छानबीन गुप्त स्तर पर जारी रखी. जब सच सामने आया तो एसएसपी आदित्य के ही साथ अभिषेक की भी पूरी पोल खुल गई. 

गया के एसएसपी रहे आदित्य कुमार के खिलाफ चल रही है जांच
असल में, गया के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार पर जांच चल रही है और उन पर आरोप है कि पद पर रहते हुए उन्होंने शराब माफियाओं को शह दी थी. इसमें वह थाना प्रभारियों को भी संलिप्त रखते थे, इसी मामले में जब उनकी परेशानी बढ़ने लगी तो उन्होंने शातिर ठग अभिषेक अग्रवाल का सहारा लिया. अभिषेक अग्रवाल ने फर्जी सिम के जरिए डीजीपी को चीफ जस्टिस का नाम पर कई कॉल किए और मनमाफिक पोस्टिंग की भी बात की, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब अभिषेक अग्रवाल ने इस तरह से शातिराना काम किया है अभिषेक अग्रवाल पहले भी गृह मंत्री के पीए के नाम पर ठगी कर चुका है और इस मामले में उसने जेल की सजा भी काटी है.

पुलिस अफसरों के साथ क्यों रहे हैं अभिषेक के मधुर संबंध
अभिषेक अग्रवाल के पुलिस के वरीय अधिकारियों के साथ बेहद मधुर संबंध है और उसके कई फोटो सूबे के चर्चित आईपीएस अधिकारियों के साथ देखे गए हैं और पुलिस महकमे में उसकी बड़ी पैठ है. सवाल यह उठता है कि पुलिस के बड़े अधिकारी आखिर उसके संपर्क में क्यों रहते हैं और क्या डीजीपी को इस बात का थोड़ा भी अंदेशा नहीं था कि कोई चीफ जस्टिस उन्हें किसी एसपी की पैरवी के लिए फोन कर सकते हैं और वह भी 50 बार. मामला जितना आसान दिखता है उतना है नहीं. इस तरह एक बार फिर से बिहार पुलिस की छवि पर सवाल है ही इसके साथ ही सुशासन पर भी गंभीर सवाल है.

फरार हैं एसएसपी आदित्य
जब सूबे का डीजीपी ही ठगी का शिकार हो जाएगा तो फिर आम जनता का भगवान ही मालिक है, फिलहाल इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार के अलावा अभिषेक अग्रवाल और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार फरार बताए जा रहे हैं. आईपीएस आदित्य कुमार के खिलाफ शराब के एक मामले में केस दर्ज हुआ था. उन पर भूमाफिया से सांठगांठ के भी आरोप थे. मगर अभिषेक से पूछताछ में जो बातें निकल कर सामने आई, उस आधार पर आदित्य कुमार के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है.

 

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