बिहार के छपरा में हुई जहरीली शराब कांड को लेकर जहानाबाद भाकपा माले ने राज्यव्यापी विरोध दिवस कार्यक्रम के तहत प्रतिरोध मार्च निकाला. यह मार्च भाकपा माले कार्यालय निकलकर शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए अरवल मोड़ पहुंचा, जहां सभा में तब्दील हो गया.
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छपरा: बिहार के छपरा में हुई जहरीली शराब कांड को लेकर जहानाबाद भाकपा माले ने राज्यव्यापी विरोध दिवस कार्यक्रम के तहत प्रतिरोध मार्च निकाला. यह मार्च भाकपा माले कार्यालय निकलकर शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए अरवल मोड़ पहुंचा, जहां सभा में तब्दील हो गया.
जहरीली शराब मामले में होनी चाहिए उच्चस्तरीय जांच
वहीं प्रतिरोध मार्च में शामिल भाकपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि छपरा में जहरीली शराब से हुई मौत मामले को उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. मृतक के परिजनों को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए,जो शराब के धंधे में शामिल है. उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. साथ ही सभी प्रखंड में नशा मुक्ति केंद्र खोला जाए.
नीतीश सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
माले कार्यकर्ताओं ने नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शराब को लेकर सरकार गंभीर नहीं है. शराबबंदी कानून के नाम पर पुलिस गरीबों पर दमन कर रही है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से जहरीली शराब पीने से मौत हुई है. इससे प्रतीत होता है कि शराबबंदी कानून फेल हो रहा है. उन्होंने कहा कि कई पार्टी के नेता भी इस धंधे में शामिल हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. जिस तरह से नेताओं द्वारा शराब का कारोबार किया जा रहा है.
दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई
बड़े लोग इस शराब के कारोबार में लिप्त है. अगर सही ढंग से इस मामले की जांच कराई जाएगी तो बड़े-बड़े लोगों का पर्दाफाश हो सकेगा. उन्होंने सरकार से मांग किया है कि अविलंब इसकी जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए.
इनपुट- मुकेश कुमार
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