पटना में लगे आधे से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खराब, स्मार्ट सिटी परियोजना का हाल बेहाल
Advertisement
trendingNow0/india/bihar-jharkhand/bihar1200224

पटना में लगे आधे से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खराब, स्मार्ट सिटी परियोजना का हाल बेहाल

पटनाः बिहार की राजधानी पटना में तमाम तरह की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने को लेकर शहर में तकरीबन 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. आपको बता दें कि इनमें से 50 फीसदी कैमरे ही सही तरीके से काम कर रहे हैं जबकि आधे से ज्यादा खराब पड़े हैं.

(फाइल फोटो)

पटनाः बिहार की राजधानी पटना में तमाम तरह की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने को लेकर शहर में तकरीबन 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. आपको बता दें कि इनमें से 50 फीसदी कैमरे ही सही तरीके से काम कर रहे हैं जबकि आधे से ज्यादा खराब पड़े हैं. हालांकि पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर की तरफ से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नए सिरे से ऑप्टिकल फाइबर के साथ कैमरा लगाए जाने का तर्क दिया जा रहा है. जिसकी कुल संख्या 1200 के करीब होगी.

इन कैमरों को दानापुर,पटना सिटी, दीदारगंज शहर में प्रवेश द्वार, एनएच, गांधी सेतु,जेपी सेतु पर कैमरा लगना है और इसे ऑपरेट करने के लिए कंट्रोल रूम भी बनकर तैयार है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पटना पुलिस के तीसरी आंख का हाल क्या है. 

 ये भी पढ़ें- बुजुर्गों का ट्रेन में आधा टिकट फिर कब से होगा माफ, चेक करें अपडेट

आपको बता दें की पटना के सभी चौक-चौराहे पर तीन वर्ष पहले लाखों रुपए खर्च कर पुलिस की तरफ से सीसीटीवी कैमरा लगाया गया ताकि किसी तरह की समस्या होने पर तीसरी आंख से उसकी फूटेज निकालकर जांच की जा सके. लेकिन मेंटेनेंस नहीं होने के कारण 50 प्रतिशत कैमरा खराब हो गया तो वहीं 50 प्रतिशत अभी तक काम कर रहा है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पटना में रहनेवालों को लेकर सुरक्षा के इंतजाम कैसे हैं और इसको लेकर प्रसासन कितनी गंभीर है. 

वहीं पटना के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर के मुताबिक स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नए सिरे से ऑप्टिकल फाइबर के साथ कैमरा लगाया जाना है. जिसकी संख्या  1200 है. जो दानापुर, पटना सिटी दीदारगंज, पटना शहर में प्रवेश द्वार, एनएच, गांधी सेतु, जेपी सेतु पर कैमरा लगना है और इसे ऑपरेट करने के लिए कन्ट्रोल रूम भी बनकर तैयार है. जहां पहले फेज में 300 कैमरा लगाए जाने हैं. इसके बाद दूसरे चरण में बचे कैमरे लगाए जाएंगे. इसके लिए काम भी शुरू कर दिया गया है. इसी को देखते हुए पुराने कैमरे की रिपेयरिंग नही की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कैमरा लगाने का कार्य छह माह पूर्व से अधिक हो गया और अभी भी जिला प्रशासन स्मार्ट परियोजना के तहत लगने वाले कैमरे का इंतजार कर रही है.

Trending news