GK: भारत में इस जगह होती है एक अनोखी परंपरा, कुएं में कूदकर त्योहार सेलिब्रेट करते हैं लोग
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GK: भारत में इस जगह होती है एक अनोखी परंपरा, कुएं में कूदकर त्योहार सेलिब्रेट करते हैं लोग

Sao Joao Festival: गोवा में एक अजीबोगरीब  त्योहार मनाया जाता है, जिसमें कुओं और नदियों में कूदा जाता है. आइए जानते हैं गोवा के इस  दिलचस्प साओ जोआओ त्योहार में और क्या-क्या होता है...

GK: भारत में इस जगह होती है एक अनोखी परंपरा, कुएं में कूदकर त्योहार सेलिब्रेट करते हैं लोग

Sao Joao Festival: भारत अपनी संस्कृति के लिए पूरे विश्व में मशहूर है. विदेशी नागरिक भी इससे प्रभावित होकर  भारत दर्शन के लिए आते हैं. एक तरफ हम लोग विदेशी संस्कृति को बिना सोचे-समझे अपनाने से गुरेज नहीं करते. दूसरी तरफ दूसरे देशों के लोग हमारी संस्कृति का अध्ययन कर इसके वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण के सामने नतमस्तक हैं. भारत में बहुत सारे त्योहार मनाए जाते हैं, जो हर राज्य की अपनी एक विशेष पहचान भी है. ऐसा ही एक फेस्टिवल गोवा में भी मनाया जाता है, जिसे कुएं में कूदकर सेलिब्रेट किया जाता है. आइए जानते हैं इस अद्भुत त्योहार और परंपरा के बारे में...

आपको बता दें कि यह त्योहार गोवा राज्य का प्रमुख कैथोलिक पर्व है. इस महोत्सव के दौरान कई अद्भुत गतिविधियां देखने को मिलती हैं, जिसे देखने दूर-दूर से लोग यहां आते हैं. गोवा के इस विशेष त्योहार को 'साओ जोआओ' नाम से जाना जाता है. 

क्यों मनाते हैं साओ जोआओ पर्व?
साओ जोआओ एक कैथोलिक पर्व है, जो हर साल 24 जून को गोवा में मनाया जाता है, जिसे 'सैन जानव' भी कहते हैं. इस दिन लोग फूल, पत्ती और फलों से बने ताज पहनते हैं. यह त्योहार सेंट जॉन द बैपटिस्ट को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है. राज्य के लोग यह पर्व कुओं, तालाबों और नदियों में कूदकर सेलिब्रेट करते हैं. इस पर्व की प्रसिद्धि का आलम यह है कि इसके लिए गोवा पर्यटन विकास निगम की ओर से टूरिस्टों के लिए पूल पार्टी और निजी साओ जोआओ का इंतजाम किया जात है.

साओ जोआओ त्योहार कैसे मनाया जाता है?
यह त्योहार कुओं, तालाबों और नदियों में कूदकर मनाया जाता है, जिसे 'लीप ऑफ जॉय' कहा जाता है. मॉनसून की शुरुआत से पहले आने वाले इस पर्व पर कुएं में कूदने की वजह ईसाई इतिहास से जुड़ी हुई है, जिसके मुताबिक सेंट जॉन द बैपटिस्ट जब माता के गर्भ में थे, तब यीशु के जन्म की खबर सुनते फुले नहीं समाए और उन्होंने खुशी में अपनी माता के गर्भ से छलांग लगा दी. ऐसे में हर साल इस दिन की याद में पुरुष अपनी माता की गर्भ की छलांग को याद करते हुए कुओं या तालाबों में कूदते हैं.

इस त्योहार पर होती हैं कई गतिविधियां
यह त्योहार नवविवाहितों पुरुषों के लिए बड़ा ही खास माना जाता है. मान्यता के मुताबिक इस त्योहार के दौरान शादी होने वाले पुरुषों के कुओं में डुबकी लगाने से उनकी शादीशुदा लाइफ हैप्पी रहती हैं. इस फेस्टिवल पर लोग फोक डांस, म्यूजिक और विशेष पकवानों का लुत्फ लेते हैं. बोट प्रदर्शन के अलावा लोग तालाबों और कुओं में छुपे गिफ्ट तलाशते हैं. 

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