Khatauli Result: बाहुबली मदन भैया ने किया उलटफेर, क्या खतौली में गुर्जर समुदाय की नाराजगी बीजेपी पर पड़ी भारी!
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Khatauli Result: बाहुबली मदन भैया ने किया उलटफेर, क्या खतौली में गुर्जर समुदाय की नाराजगी बीजेपी पर पड़ी भारी!

Khatauli By-Election 2022 Result:  Khatauli Result: मदन भैया ने पलटा पासा, वेस्ट यूपी में बीजेपी के हाथ से फिसली खतौली सीट

Khatauli Result: बाहुबली मदन भैया ने किया उलटफेर, क्या खतौली में गुर्जर समुदाय की नाराजगी बीजेपी पर पड़ी भारी!

Khatauli By-Election 2022 Result: भारतीय जनता पार्टी ने मैनपुरी लोकसभा सीट, रामपुर और खतौली व‍िधानसभा सीट पर पांच द‍िसंबर को हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं. मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा सीट से  समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) गठबंधन से रालोद (RLD) के मदन भैया ने बीजेपी की राजकुमारी सैनी को भारी अंतर से हरा दिया. मदन भैया 22165 वोटों से जीते हैं.

जानें कौन हैं रालोद प्रत्याशी मदन भैया?
मदन भैया अपने पढ़ाई के दौरान ही दबंग छवि के नेता माने जाते थे. छात्र जीवन से ही उभरने लगे थे. वर्ष 1989 में  जेल में रहते हुए उन्होंने अपना पहला विधानसभा चुनाव खेकड़ा सीट से लड़ा. इस चुनाव में मदन भैया की हार  हुई, मगर दूसरे स्थान पर रहकर उन्होंने सभी को चौका दिया था. वर्ष 1991 का विधानसभा चुनाव वो फिर जनता दल के टिकट पर में खेकड़ा सीट से लड़े. इस बार भी उन्होंने जेल से चुनाव लड़ा और बड़े अंतर से लोकदल के प्रत्याशी रिछपाल बंसल को हरा दिया.

राजनीतिक करियर पर एक नजर
साल 1993 के विधानसभा चुनाव में फिर वे खेकड़ा सीट से चुनाव मैदान में उतरे और समाजवादी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज की. वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी प्रत्याशी रूप चौधरी ने शिकस्त देकर सभी को चौका दिया था. साल 2002 के चुनाव में मदन भैया ने रूप चौधरी को हराकर अपनी राजनीतिक विरासत पर फिर से कब्जा कर लिया. साल 2007 का चुनाव वे खेकड़ा विधानसभा सीट से ही रालोद के टिकट पर लड़े और चौथी बार अपनी जीत दर्ज की. 2012 का चुनाव नए परिसीमन से हुआ और खेकड़ा सीट समाप्त होकर लोनी सीट अस्तित्व में आ गई. यहां से मदन भैया की राजनीतिक पकड़ को ग्रहण लगया शुरू हो गया. 2012 का चुनाव वे लोनी सीट से रालोद के टिकट पर लड़े और बसपा के जाकिर अली से चुनाव हार गए. वर्ष 2017 और इस साल हुए विधानसभा चुनाव में मदन भैया ने लोनी सीट से फिर चुनाव लड़ा, मगर दोनों ही बार वे भाजपा के नंद किशोर गुर्जर से चुनाव हार गए.

मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है खतौली विधानसभा सीट
खतौली विधानसभा सीट मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. यहां पर 2019 के लोकसभा चुनाव में संजीव बालियान ने आरएलडी के चौधरी अजीत सिंह को हराया था.

ये है खतौली विधानसभा का अब तक का चुनावी इतिहास
इस विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को दो बार जीत मिली है. इसके अलावा कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय क्रांति दल, जनता पार्टी, कांग्रेस, लोक दल, जनता दल, भारतीय किसान कामगार पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवारों ने इस सीट से एक-एक बार जीत हासिल की है. साल 1967 में खतौली विधानसभा से सीपीआई के सरदार सिंह विधायक चुने गए थे. इसके बाद बीकेडी के टिकट पर वीरेंद्र वर्मा, 1974 में लक्ष्मण सिंह, 1980 में कांग्रेस इंदिरा से धर्मवीर सिंह, 1985 में लोकदल से हरेंद्र सिंह, 1989 में जनता दल से धर्मवीर बालियान, 1991 व 1993 में भाजपा के टिकट पर सुधीर बालियान, बीकेडी के टिकट 1996 और रालोद के टिकट पर 2002 में राजपाल बालियान, 2007 में बसपा के योगराज सिंह, 2012 में रालोद के करतार भड़ाना और 2017 और 2022 में भाजपा के विक्रम सैनी विधायक चुने गए.साल 1993 में चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत और भाकियू उनके विरोध में रही थी. साल 2007 में राकेश टिकैत खुद चुनाव में उतर गए लेकिन उनके धुर विरोधी रहे योगराज सिंह ने जीत दर्ज की और वह चौथे स्थान पर रहे.

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