"आदिपुरुष" फिल्म के निर्माताओं पर भड़के 'राम-लक्ष्मण', बोले निर्माता धार्मिक विषयों पर संवेदनशील होकर फिल्में बनाएं
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"आदिपुरुष" फिल्म के निर्माताओं पर भड़के 'राम-लक्ष्मण', बोले निर्माता धार्मिक विषयों पर संवेदनशील होकर फिल्में बनाएं

Adipurush Controversy: भगवान राम के जीवन पर बनी फिल्म जब से रिलीज हुई है तब ही से लोग इसका जमकर विरोध कर रहे हैं. फिल्म के विरोध में चारों तरफ आवाजें उठ रही हैं. अरुण गोविल और सनील लहरी ने इस पर कही ये बड़ी बातें.

 

Adipurush Controversy

Adipurush Controversy: भगवान राम के जीवन पर आधारित फिल्म आदिपुरुष लोगों को पसंद नहीं आ रही है. चाहे डायलॉग की बात हो चाहे किरदारों के वस्त्र और साज सज्जा हो. जनता फिल्म को पचा नहीं पा रही है. इस फिल्म में राम का किरदार निभा रहे हैं प्रभास और सीता बनी हैं कृति सेनन. फैंस इन दोनों को भी खूब ट्रोल कर रहे हैं. चाहे हनुमान के आपत्तिजनक संवाद हों, सोने की लंका को काले रंग में दिखाना हो या फिर जानकी के गले में लंका में रहते हुए मोतियों की माला हो, ये सब ऐसे विषय हैं जिन पर लोग आक्रोशित हो रहे हैं, ज़ी न्यूज़ ने रामानंद सागर कृत रामायण में राम का किरदार निभा रहे अरुण गोविल और लक्ष्मण बने सुनील लहरी से खास बीत की. उन्होंने इस फिल्म के विषय में कई गंभीर बातें उठायीं.  

अरुण गोविल ने क्या कहा
रामायण में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने कहा कि जब बात धर्म और भगवान की होती है तो फिल्म निर्माताओं को संवेदनशील होकर इस विषय पर सोच विचार करने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए.  ये सब विषय हमारी आस्था और जीवन से जुड़े विषय हैं. अगर फिल्म निर्माताओं के मन में  भगवान की भक्ति न हो तो अन्य विषयों पर फिल्में बना लेनी चाहिए, अरुण ने आगे कहा कि इस तरह जन भावनाओं का अनादर नहीं करना चाहिए. रामायण सीरियल के किरदार और निर्माताओं ने अपनी मर्यादा कायम रखी थी इसलिए पूरे भारत ने उन्हें प्यार और सम्मान दिया. फिल्म आदिपुरुष ने रामायण का अपमान किया है. 

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गुस्से में सुनील लहरी
रामायण में लक्ष्मण बने सुनील लहरी ने कहा कि वह इस फिल्म के संवाद से बहुत गुस्से में और दुखी हैं, कपडा तेरे बाप का .. जैसे डायलॉग भक्ति के साथ नहीं लिखे गए हैं. हनुमान जी के मुंह से ऐसी भाषा अशोभनीय है. उन्होंने आगे कहा कि रामानंद सागर शूटिंग के दौरान स्वयं भावुक होकर आंसू बहाने लगते थे. लेकिन आदिपुरुष के निर्माताओं ने सबको निराश किया है. रामायण में तीन साल की शूटिंग के  दौरान कभी कोई दुर्घटना नहीं हुई यह रामायण की शक्ति थी. किसी किरदार को कभी चोट तक नहीं आई. आदिपुरुष फिल्म में न ये शक्ति है और न ही ऐसा विश्वाश. 

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