Udaipur: टैक्सी चालक की हत्या मामले में खुलासा, 4 गिरफ्तार
Advertisement
trendingNow1/india/rajasthan/rajasthan1467472

Udaipur: टैक्सी चालक की हत्या मामले में खुलासा, 4 गिरफ्तार

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अनिल ने इको कार के इंजन उसकी खुद की कार में लगवा दिया और कार के कई पार्ट्स खुर्द-बुर्द कर दिए. आरोपी विजय उर्फ जीजू के खिलाफ 21 मामले दर्ज हैं.

Udaipur: टैक्सी चालक की हत्या मामले में खुलासा, 4 गिरफ्तार

Udaipur: उदयपुर के गोर्वधनविलास थाना पुलिस ने बारापाल इलाके में गोली मार कर टैक्सी चालक की हत्या करने के मामला का खुलसा कर दिया. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में लूट की टैक्सी को खरीदने वाले खरीददार भी शामिल है. मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. आरोपियों ने टैक्सी को लूटने की योजना बनाई और फिर उसे अंजाम दिया.

मामले का खुलासा करते हुए एएसपी मुख्यालय कुंदन कवरिया ने बताया कि टैक्सी चालक हाफिज खान रोजना की तरह 18 नवम्बर को भी अपने घर से सुबह गाड़ी लेकर उदयपुर के लिए निकला था.लेनिक देर रात तक वह घर नहीं लौटा. परिजनों ने अपनी स्तर पर तलाश की लेकिन सफल नहीं हो पाए. इस दौरान हाफिज का मोबाइल फोन भी बंद था. इस पर थाने में हाफिज की गुमसुदगी दर्ज करवाई. मामले की जांच कर रही पुलिस को 20 नवम्बर को बारापाल के पास हाफिज का शव मिला. जिसकी तीन गोलिया मार कर हत्या की गई और बाद में शव फैंक कर आरोपी फरार हो गए. पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

ऐसे हुआ मामले का खुलसा

एसपी विकास शर्मा के निर्देश पर पुलिस की विशेष टीम का गठन किया. पुलिस की टीम ने मामले के हर पहलु पर अपनी जांच को आगे बढ़ाया. इस दौरान पुलिस ने 18 और 19 दिसम्बर को हाईवे पर लगें सीसीटीवी कैमारों को खंगाला. इस दौरान पुलसि ने चार युवकों को एक कार में बैठे हुए देखा. इनमें से दो की पहचान पुलिस ने पाटिया, फलासिया निवासी कन्हैया और चंदवास, झाड़ोल निवासी कुलदीपसिंह के रूप में की. जांच में सामने आया कि कुलदीप सिंह पेशे से ड्राइवर है.

इस पर पुलिस ने कुलदीप को ट्रैस कर हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की. इस पर कुलदीप ने अपने साथियों के साथ मिल कर हाफिज की हत्या करना कबूल कर लिया. पुलिस पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि उन्होने लूट की कार को मनीष मीणा नाम के एक दलाल के माध्यम से कार को गुजरात के अरावली जिले के विजय उर्फ चंदन और अनिल उर्फ अका को बेच दिया. इस पर पुलिस ने कुलदीप की निशान देही पर तीनों को भी गिरफ्तार किया.

इस तरह दिया वारदात को अंजाम

लूट और हत्या के मुख्य आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कन्न ने अपनी साथी कुलदीप सिंह और सुंदर के साथ मिल कर कार को लूटने का प्लान तैयार किया. योजना के तहत तीनों आरोपी सुबह करीब 5.40 बजे फलासिया गांव में मिलते. जहां से टैक्सी चालक हाफिज को उदयपुर जाने का कहते हुए टैक्सी को किराए पर लेते.  योजना के तहत तीनों आरोपी पई गांव के पास पेशाब करने के बहाने कार को रूकवाते. इस दौरान कुदीप और सुंदर कार से नीचे उतर जाते. मौका देख कर कन्हैया एक के बाद एक तीन गोली मार कर हाफिज की हत्या कर देता है और उसके शव को सीट के निचे डाल कर टोल नाके बचते हुए बारापाल के पास पहुंचते हैं. जहां वे सुनसान इलाके में अंडर पास के यहां हाफिज के शव को फैंक देते हैं. इसके बाद आरोपी उसी कार को लेकिर भिलोड़ा, गुजरात चले जाते हैं. उन्होनें कार को मनीष मीणा की मध्यस्ता से विजय और अनिल को 80 हजार रुपये में बेच दिया.

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अनिल ने इको कार के इंजन उसकी खुद की कार में लगवा दिया और कार के कई पार्ट्स खुर्द-बुर्द कर दिए. आरोपी विजय उर्फ जीजू के खिलाफ 21 मामले दर्ज हैं, जिसमें लूट, आर्म्स एक्ट और हत्या का प्रयास मामले हैं. कई थानों की पुलिस उसकी तलाश कर रही है. वहीं अनिल के खिलाफ अपहरण का एक मामला दर्ज है और कुलदीपसिंह के खिलाफ एसटी-एएसी एक्ट और दुष्कर्म का मामला दर्ज है. इस केस में पुलिस अब मुख्य आरोपी कन्हैयालाल और सुंदर की तलाश कर रही हैं.

ये भी पढ़ें- Big accident in Bansur: बानसूर सड़क हादसे में चाचा, ताऊ समेत दो सगे भाइयों की मौत! शादी के लिए कपड़े खरीदकर आ रहा था परिवार

 

Trending news