हीरवाना गौशाला में भामाशाह अमरसिंह शेखावत का सम्मान
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हीरवाना गौशाला में भामाशाह अमरसिंह शेखावत का सम्मान

राजस्थान के झुंझुनूं में बामलास धाम के महंत लक्ष्मण दास महाराज ने गौशाला संस्थान की ओर से 93 वर्ष के पूर्व सैनिक अमर सिंह शेखावत को अपनी पेंशन से 21000 रुपए प्रतिमाह गौ सेवा के लिए भामाशाह सम्मान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया.

हीरवाना गौशाला में भामाशाह अमरसिंह शेखावत का सम्मान

JHUNJHUNU NEWS; सम्मान-गुढ़ागौड़जी-एवीबीबी

 झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी तहसील के हीरवाना गांव में स्थित श्रीकृष्ण गौशाला हीरवाना-चंवरा में भोड़की के पूर्व सैनिक एवं प्रसिद्ध भामाशाह अमर सिंह शेखावत को बामलास धाम के महंत लक्ष्मण दास महाराज ने गौशाला संस्थान की ओर से भामाशाह सम्मान रत्न पुरस्कार से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.

पूर्व सैनिक शेखावत वर्ष 2007 से श्री कृष्ण गौशाला संस्थान से जुड़े हुए हैं और अपनी पेंशन की राशि से गौ सेवा के लिए सहयोग देते रहे हैं. शेखावत ने पिछले वर्ष से अनूठी पहल करते हुए अपनी पेंशन से 21000 रुपए प्रतिमाह गौ सेवा के लिए हीरवाना गौशाला में दान करते आ रहे हैं. अपने जीवन के 93 वर्ष पूर्ण करने की आयु पर शेखावत हीरवाना गौशाला पहुंचकर गायों को गुड़, दलिया, खल और चूंरी के कट्टे भेंट किए.

शेखावत के बेटे सेवानिवृत्त असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर भवानी सिंह ने बताया कि उनके पिता अमर सिंह शेखावत इंडियन आर्मी में 1947 में भर्ती हुए थे तथा 1969 तक हवलदार के पद पर देश सेवा करते हुए सेवानिवृत्त हुए. शेखावत ने 1965 के युद्ध में भी भाग लिया तथा दुश्मनों के छक्के छुड़ाए. 22 वर्ष 20 दिन की सेना में सेवा देने के बाद शेखावत 1970 में गुजरात पुलिस में भर्ती हुए. 1986 में इंस्पेक्टर के पद पर सेवा देते हुए सेवानिवृत्त हुए. गुजरात पुलिस में इनका 18 वर्ष 6 माह का कार्यकाल रहा.

शेखावत ने सेना में देश सेवा करते हुए 1960 में आउट ऑफ कंट्री के दौरान इंग्लैंड में 61 केवल्री इंडिया आर्मी टीम की तरफ से पोलो और जंपर खेल में भाग लिया और भारतीय टीम को जीत दिलाई. इस दौरान अमर सिंह शेखावत ने आमजन से अपील कर कहा कि मनुष्य जीवन बार-बार नहीं मिलता है इसलिए सभी व्यक्ति अपने शुद्ध कमाई से धर्म-कर्म में अवश्य खर्च करें. गौ सेवा और प्राणी मात्र की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है. दिया हुआ दान कभी व्यर्थ नहीं जाता है. इस दौरान काफी संख्या में महिला एवं पुरुष मौजूद रहे.

 

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