राजस्थान की अदालतों में तीन दशक झेल रहे मुकदमेबाजी, लाखों केस पेंडिंग...तारीख पर तारीख , कब मिलेगा इंसाफ?
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राजस्थान की अदालतों में तीन दशक झेल रहे मुकदमेबाजी, लाखों केस पेंडिंग...तारीख पर तारीख , कब मिलेगा इंसाफ?

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में 682 प्रकरण तीस साल पुराने हैं. इनमें से 149 सिविल और 533 मुकदमे आपराधिक प्रकृति के हैं. वहीं जोधपुर पीठ को मिलाकर तीस साल पुराने कुल लंबित मुकदमे 1092 हैं. इनमें से 323 सिविल और 769 आपराधिक किस्म के हैं. वहीं प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों में कुल 541 मुकदमे निस्तारण का इंतजार कर रहे हैं. 

राजस्थान की अदालतों में तीन दशक झेल रहे मुकदमेबाजी, लाखों केस पेंडिंग...तारीख पर तारीख , कब मिलेगा इंसाफ?

Rajasthan Highcourt News : राजस्थान हाईकोर्ट सहित प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों में बीते 30 सालों से कुल 1633 मुकदमे लंबित चल रहे हैं, हालांकि हाईकोर्ट में इनकी सुध लेते हुए अब रोजाना कुछ पुराने मुकदमो को सूचीबद्ध किया जा रहा है, लेकिन इनकी संख्या में कमी नहीं आई है.

जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में 682 प्रकरण तीस साल पुराने हैं. इनमें से 149 सिविल और 533 मुकदमे आपराधिक प्रकृति के हैं. वहीं जोधपुर पीठ को मिलाकर तीस साल पुराने कुल लंबित मुकदमे 1092 हैं. इनमें से 323 सिविल और 769 आपराधिक किस्म के हैं. वहीं प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों में कुल 541 मुकदमे निस्तारण का इंतजार कर रहे हैं. इनमें से 438 प्रकरण सिविल और 103 मामले फौजदारी मामलों से संबंधित हैं.

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लंबित मुकदमों में से अधिकांश मुकदमे लड़ने वाले पक्षकारों की पीढ़ियां बदल गई हैं. इन लंबित मुकदमों में से कई मामलों में जिन लोगों ने मूल केस दायर किए और जिन लोगों पर दायर हुए, अब उनकी नई पीढ़ी इन केसों को लड़ रही हैं. वहीं अदालत में मूल केस दायर करने वाले वकीलों की भी अगली पीढ़ी इन मामलों को संभाल रही है.

उधर, जिन अदालतों में यह केस लंबित चल रहे हैं. उनके न्यायिक अधिकारी और जज भी रिटायर हो चुके हैं और अब नए न्यायिक अधिकारी व जज प्रकरण की सुनवाई कर रहे हैं. इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता हनुमान चौधरी का कहना है कि अदालतों को इन मुकदमों की सुनवाई त्वरित करनी चाहिए. इतनी अधिक अवधि से पुराने मुकदमों में अधिकांश बार सिर्फ तारीख ही होती है.

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