Bassi: मौसम के बदले मिजाज ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी, बारिश में भीगी बाजरे की फसल
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Bassi: मौसम के बदले मिजाज ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी, बारिश में भीगी बाजरे की फसल

Bassi: जयपुर के बस्सी उपखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से सुबह से शाम तक मौसम का मिजाज बदला रहा. दिन में कई बार बारिश का दौर चलता रहा. बरसात से किसानों के खेतों में कटी हुई बाजरे की फसल भीग कर बर्बाद हो गई.

Bassi: मौसम के बदले मिजाज ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी, बारिश में भीगी बाजरे की फसल

Bassi: जयपुर के बस्सी उपखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से सुबह से शाम तक मौसम का मिजाज बदला रहा. दिन में कई बार बारिश का दौर चलता रहा. बरसात से किसानों के खेतों में कटी हुई बाजरे की फसल भीग कर बर्बाद हो गई. किसान रामसहाय ने बताया कि दो दिन से बरसात होने के कारण खेतों में बाजरे की कड़बी और बालियां भीग गई है. बाजरे की कड़बी काली और बालियां पीली पड़ गई है. यदि एक दो दिन बारिश ने ढील नहीं दी तो बाजरे के दाने बालियों में ही अंकुरित हो जाएंगे.

किसानों ने बताया कि इस बार खरीफ के सीजन में बाजरे की बम्पर पैदावार थी. किसानों को अच्छी उम्मीद थी, लेकिन फसल कटाई के वक्त बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया. बांसखोह क्षेत्र में इस बार समय-समय पर बारिश होने से बाजरे की फसल अच्छी तरह पककर तैयार हुई है. खेतों में खड़ी बाजरे की फसल को पकने के बाद किसान घर या मंडी पर ले जाने को आतुर है, लेकिन उससे पहले ही बिगड़े मौसम से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी है. कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश से बाजरे की फसल खराब होने की कगार पर है. 

किसान अपनी फसल को सुरक्षित काटकर घर ले जाने के लिए दिन-रात खेत में मेहनत करने में लगा हुआ है, लेकिन 2 दिन से लगातार आ रही कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश से बाजरे का दाना और कड़बी के खराब होने की संभावना होने लगी है. किसानों ने बताया कि अगर लगातार मौसम खराब रहा है तो बाजरे का सिट्टा भी अंकुरित हो जाएगा. अभी तक क्षेत्र में करीब 70 फीसदी खेतों में बाजरे की कटाई का कार्य चल रहा है. फसल कटाई के समय होने वाली आफत की बरसात किसानों के लिए मुसीबत बनी हुई है. गुरुवार को दिन में उपखंड मुख्यालय और आस-पास इलाक़े में कई बार बरसात हुई. बरसात से बाजरा की खड़ी और खेतो में कटी हुई फसल को भारी नुकसान हो सकता है. 

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मालावाला निवासी किसान बद्रीनारायण शर्मा ने बताया कि बरसात से बाजरा का सिट्टा काला पड़ने का डर रहता है. इसके साथ ही खेत में कड़बी में भारी नुकसान हो सकता है. किसानों ने बाजरे की फसल को ढकने के लिए जतन किए. बाजरा कटाई के साथ ही किसानों को कडबी के रूप में मवेशियों के लिए चारा भी मिलता है. कडबी का चारा भीगते ही खराब हो जाता है, जिससे चारे का संकट खड़ा हो सकता है. बरसात होने से फसल खराबे को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है. 

कस्बे में बुधवार को तेज हवाओं के साथ तेज बरसात दूसरे दिन भी होने से खेतों में पानी भर गया, जिससे खेतों में खड़ी फसलों के गिरने का और कटकर खेत खलियान में पड़ी फसलों में नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. किसान फसलों में और पशु चारे में नुकसान से चिंतित है. किसानों ने बताया कि बरसात से फसलों में नुकसान हुआ है. इससे जो फसलें खेतों में कटाई के लिए तैयार है उनमें और जो कटकर पड़ी है उन फसलों में नुकसान है. किसान कटी हुई फसलों को उठाकर के सुरक्षित स्थान पर रखने में जुटे हुए है.

Reporter: Amit Yadav

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